Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति असम में भाजपा ने घोषणा पत्र में दिया NRC को दुरुस्त करने का भरोसा:...

असम में भाजपा ने घोषणा पत्र में दिया NRC को दुरुस्त करने का भरोसा: इन 10 बड़े वादों के साथ पार्टी उतरी चुनाव में

घोषणा पत्र लॉन्च करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वादा किया कि वह असम की संस्कृति की रक्षा, असम की सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजकर रहेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज (मार्च 23, 2021) असम में पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया। भाजपा की ओर से उन्होंने आश्वासन दिया कि वह राज्य में सही NRC पर काम करेंगे जिससे असम की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मौके पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानन्द सोणोवाल और राज्य मंत्री हिमन्त बिस्वा शर्मा भी मौजूद रहे।

घोषणा पत्र लॉन्च करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वादा किया कि वह असम की संस्कृति की रक्षा, असम की सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजकर रहेंगे।

मीडिया से बात करते हुए नड्डा ने कहा, “हम असली भारतीयों की रक्षा करेंगे और घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें वापस भेजकर असम सभ्यता को सुरक्षित करेंगे।”

अपने संकल्प पत्र में भाजपा ने 10 वादे किए। पार्टी की ओर से नड्डा ने कहा कि यदि उन्हें दोबारा राज्य का नेतृत्व करने का मौका मिला तो वह अपने सभी वादों को पूरा करेंगे। घोषणा पत्र लॉन्च करते हुए नड्डा ने बताया कि पिछले 5 साल पार्टी का मकसद जाति, माटी और बेटी को सशक्त करना रहा। अब उनका वादा है कि वह राज्य में 2 लाख सरकारी, 1 लाख प्राइवेट सेक्टर में जॉब मार्च 2022 तक निकालेंगे।

नड्डा ने कहा, “ये प्रतिबद्धताएँ, विकास, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण के लिए हमारी दिशा है, और अधिक शुरुआतें समावेशी विकास के लिए हमारे उद्देश्य का एक हिस्सा हैं।”

आइए जानते हैं कि भाजपा ने असम चुनाव में कौन से 10 वादे किए हैं:

  • 1. मिशन ब्रह्मपुत्र- बाढ़ समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास बड़े जलाशयों का निर्माण करवाएगी। 
  • 2. ओरुनोदोई योजना: इस योजना के तहत 30 लाख परिवारों को प्रतिमाह 3,000 रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी।
  • 3. नामघरों को ढाई लाख रुपए की आर्थिक मदद, अतिक्रमण और अवैध निर्माण को हटाया जाएगा।
  •  4. शिक्षा: सरकारी स्कूलों में मुफ्त में शिक्षा, आठवीं के बाद छात्राओं साइकिल दी जाएगी।
  • 5. एनआरसी लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन होगा और घुसपैठ भी रोकी जाएगी।
  • 6. परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • 7. आत्मनिर्भर असम- प्रदेश में अलग अलग क्षेत्रों को मदद दी जाएगी और उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
  • 8. दो लाख लोगों को सरकारी नौकरी और प्राइवेट सेक्टर में आठ लाख नई नौकरियाँ देने का भी वादा किया गया। इसके अलावा पार्टी ने असम को सबसे तेज जॉब क्रिएयर राज्य बनाने का वादा किया है।
  • 9. स्वामी विवेकानंद के नाम योजना- युवाओं को स्टार्टअप के लिए बढ़ावा मिलेगा, इसके तहत 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य होगा।
  • 10. आखिरी संकल्प के मुताबिक असम के लोगों को मजबूत करने के इरादे से जमीन के स्वामित्व का हक देने का वादा है।

बता दें कि असम में 27 मार्च से चुनाव की शुरुआत होगी। 3 चरणों में इन्हें संपन्न कराया जाएगा। परिणाम 2 मई को आएँगे। इससे पहले साल 2016 में भाजपा ने असम में ऐतिहासित जीत हासिल की थी। तब, 15 साल से सत्ता में मौजूद कॉन्ग्रेस से भाजपा ने सत्ता हासिल की थी। भाजपा और उसके गठबंधन वाली पार्टियों ने 86 सीटों पर विजय पाई थी। इनमें से 60 स्पष्ट तौर पर अकेले बीजेपी को मिली थी। एजीपी ने 14 सीट जीतीं थीं और बीपीएफ ने 12, इस बार बीपीएफ ने कॉन्ग्रेस से हाथ मिला लिया है। भाजपा का गठबंधन सिर्फ़ असम गण परिषद और यूनाइटिड पीपुल्स पार्टी लिबरल से ही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

कोरोना पर कुंभ और दूसरे राज्यों को कोसा, खुद रोड शो कर जुटाई भीड़: संजय राउत भी निकले ‘नॉटी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में कोरोना के भयावह हालात के लिए दूसरे राज्यों को कोसा था। कुंभ पर निशाना साधा था। अब वे खुद रोड शो कर भीड़ जुटाते पकड़े गए हैं।

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ESPN की क्रांति, धार्मिक-जातिगत पहचान खत्म: दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच की कॉमेंट्री में रिकॉर्ड

ESPN के द्वारा ‘बैट्समैन’ के स्थान पर ‘बैटर’ और ‘मैन ऑफ द मैच’ के स्थान पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जैसे शब्दों का उपयोग होगा।

‘बेड दीजिए, नहीं तो इंजेक्शन देकर उन्हें मार डालिए’: महाराष्ट्र में कोरोना+ पिता को लेकर 3 दिन से भटक रहा बेटा

किशोर 13 अप्रैल की दोपहर से ही अपने कोरोना पॉजिटिव पिता का इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,216FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe