Homeराजनीतिश्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन बेंगलुरु में नहीं बिकेगी मांस, बूचड़खाने भी रहेंगे बंद: BBMP...

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन बेंगलुरु में नहीं बिकेगी मांस, बूचड़खाने भी रहेंगे बंद: BBMP का फैसला

इससे पहले भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और 'गणेश चतुर्थी' के मौकों पर BBMP ने मांस की खरीद-बिक्री और बूचड़खाने में जानवरों की हत्या पर प्रतिबंध लगाया था।

कर्नाटक की राजधानी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मांस की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। ‘बृहद बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP)’ ने ये निर्णय लिया है। सोमवार (30 सितंबर, 2021) को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन शहर के भीतर की सभी माँस की दुकानें बंद रहेंगी। BBMP के जॉइंट डायरेक्टर (एनिमल वेलफेयर) ने अधिसूचना जारी कर के कहा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन जानवरों की हत्या पर भी प्रतिबंध रहेगा।

BBMP ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन माँस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन बेंगलुरु के सारे बूचड़खाने भी बंद रहेंगे। इससे पहले भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और ‘गणेश चतुर्थी’ के मौकों पर BBMP ने मांस की खरीद-बिक्री और बूचड़खाने में जानवरों की हत्या पर प्रतिबंध लगाया था। बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण की जयंती के रूप में जन्माष्टमी मनाई जाती है। द्वापर युग में इसी दिन धरती पर धर्म की स्थापना के लिए उन्होंने अवतार लिया था। इसे ‘गोकुल अष्टमी’ भी कहते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -