Friday, May 31, 2024
Homeराजनीतिनागरिकता विधेयक के विरोध में हिंसा: भाजपा नेता का घर फूँका, गुवाहाटी की आग...

नागरिकता विधेयक के विरोध में हिंसा: भाजपा नेता का घर फूँका, गुवाहाटी की आग शिलॉन्ग पहुँची

हिंसा के निशाने पर मुख्यतः भाजपा, असम गण परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हैं, जिनके कार्यालयों पर आज हमले हुए। दंगाईयों ने भाजपा विधायक और नेता बिनोद हज़ारिका के घर पर भी आगजनी की....

नागरिकता विधेयक संसद के दोनों सदनों से पास हो जाने के बाद इसके विरोधियों ने हिंसात्मक रुख अख्तियार कर लिया है। विशेषतः पूर्वोत्तर में जातीय, भाषाई और जनजातीय अलगाववादी कारणों से हो रहा विरोध इतना तेज़ हो गया है कि असम के गुवाहाटी में लोग कर्फ़्यू तोड़कर हिंसा और आगजनी पर उतारू हैं। सेना को भी फ्लैग मार्च करना पड़ रहा है।

हिंसा के निशाने पर मुख्यतः भाजपा, असम गण परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हैं, जिनके कार्यालयों पर आज (गुरुवार, 12 दिसंबर, 2019 को) हमले हुए। दंगाईयों ने भाजपा विधायक और नेता बिनोद हज़ारिका के घर पर भी आगजनी की। डिब्रूगढ़ जिले के चबुआ विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि हज़ारिका के घर के आसपास खड़ी सभी गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया है।

CAB 2019, Assam, Chabua, bjp, MLA Binod Hazarika,नागरिकता संशोधन विधेयक 2019,Citizenship amendment bill 2019,कैब 2019, असम, चबुआ,असम,विधायक बिनोद हजारिक

इसके अलावा गुवाहाटी में पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए गोलीबारी भी करनी पड़ी है, जिसके चलते दो हिंसक प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो गई। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज के एक अधिकारी के हवाले से पीटीआई ने दावा किया है कि मृतकों में से एक की मौत अस्पताल पहुँचने के पहले ही हो चुकी थी, जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। दोनों की शिनाख्त की सूचना खबर लिखे जाने तक नहीं मिली है।

लोगों की उत्तेजना शांत करने के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अपील की कि वे असमिया संस्कृति, ज़मीनी अधिकार, भाषा आदि पर किसी तरह के खतरे की चिंता न करें, क्योंकि इन सब को सुरक्षित करने के लिए असम समझौते की धारा 6 है। कुछ लोग इसके बारे में झूठ फैला रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज सुबह से ही ट्वीट कर लोगों से यही कहा। मोदी ने असम के लोगों को आश्वस्त किया है कि वह और उनकी सरकार असमिया लोगों के हितों की रक्षा करेंगे।

असम के उपमुख्यमंत्री हेमंत बिस्व शर्मा भी असम के लोगों को यह समझाने का अनथक प्रयास कर रहे हैं कि यह विधेयक जनसांख्यिकीय संतुलन को बिगाड़ने नहीं, बल्कि संभाल कर रखने के लिए है। “मुझे दृढ़ विश्वास है कि अगर यह विधेयक नहीं पास हुआ तो असमिया हिन्दू महज़ अगले 5 साल में अल्पसंख्यक बन जाएँगे। यह उन तत्वों के लिए फ़ायदेमंद होगा जो असम को एक और कश्मीर बनाना चाहते हैं।”

शिलॉन्ग में भी आज शाम अराजक प्रदर्शनकारियों ने मोटफ्रान के बीचोंबीच टायर जलाए और पुलिस पर पत्थरबाज़ी की। वहाँ भी कर्फ़्यू लगने के आसार पैदा हो रहे हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

200+ रैली और रोडशो, 80 इंटरव्यू… 74 की उम्र में भी देश भर में अंत तक पिच पर टिके रहे PM नरेंद्र मोदी, आधे...

चुनाव प्रचार अभियान की अगुवाई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। पूरे चुनाव में वो देश भर की यात्रा करते रहे, जनसभाओं को संबोधित करते रहे।

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -