Saturday, June 25, 2022
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‘भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है, वे एक ही लाइन रट रहे’: केजरीवाल ने विधानसभा में फाड़ी कृषि कानून की कॉपी

केजरीवाल ने कहा कि सब भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है और उन्हें एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है। उन्होंने कहा कि हकीकत में किसान भ्रमित नहीं हैं, बल्कि भाजपाई भ्रमित हैं।

दिल्ली विधानसभा में कृषि कानूनों का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज (दिसंबर 17, 2020) कानून की कॉपी फाड़ दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता ये कृषि कानून आखिर है क्या।

केजरीवाल ने कहा कि सब भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है और उन्हें एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है। उन्होंने कहा कि हकीकत में किसान भ्रमित नहीं हैं, बल्कि भाजपाई भ्रमित हैं।

सीएम केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि सरकार और कितनी जान लेगी? अब तक 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में बैठा हर किसान भगत सिंह है। ऐसे में सरकार अंग्रेजों से बदतर न बने।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार केजरीवाल ने कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कृषि कानून को आखिर कोरोना महामारी के दौरान संसद में पारित करने की क्या जल्दी थी? उन्होंने सरकार आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार हुआ है कि राज्यसभा में मतदान के बिना 3 कानून पारित किए गए हैं। 

आगे उन्होंने कहा, “हर किसान भगत सिंह बन चुका है। सरकार कहती है कि वह किसानों से बात कर रही है और उन्हें फायदा समझाने की कोशिश कर रही है। यूपी के मुख्यमंत्री किसानों को कह रहे हैं कि इस कानून से आपको फायदा होगा क्योंकि कोई उनसे उनकी जमीन नहीं लेगा। ये कौन सा फायदा है?”

केजरीवाल आगे पूछते हैं, “किसान देशभर में कहीं भी अपनी उपज बेच सकते हैं। आज धान के लिए एमएसपी 1835 रुपए है। यह यूपी और बिहार में 950 रुपए में बेचा जा रहा है। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि ये किसान एमएसपी से ज्यादा पाने के लिए अपनी उपज कहाँ बेचने जाएँ।”

बता दें कि विधानसभा सत्र के दौरान सोमनाथ भारती और मोहिंदर गोयल ने भी तीनों कृषि कानूनों की कॉपी फाड़ी और कहा, “हम इस काले कानून को मानने से इनकार करते हैं।” इसके अतिरिक्त मंत्री कैलाश गहलोत ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, “हम तीनों कानूनों का विरोध करते है और केजरीवाल सरकार किसानों के इस संघर्ष में हर प्रकार से उनके साथ खड़ी है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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