कॉन्ग्रेस की घटिया राजनीति: आज़ाद ने की हिन्दुओं और दलितों को अलग-अलग दिखाने की कोशिश

इससे पहले कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देकर उनका वोट लेने की कोशिश की थी लेकिन लिंगायत समुदाय के ही कई नेताओं व धर्मगुरुओं ने इसका विरोध किया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस पार्टी की यह चाल कामयाब नहीं हो पाई थी।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आज़ाद ने अपने भाषण के दौरान हिन्दुओं व दलितों को अलग-अलग दिखाने की कोशिश की। आज़ाद बार-बार ‘हिन्दू और दलित’ बोलते रहे, ताकि ऐसा प्रतीत हो कि हिन्दू और दलित अलग-अलग हैं। गुलाम नबी आज़ाद ने अपने भाषण के दौरान कहा, “मुसलमान और दलित के पाँव में काँटा चुभता था तो चुभन हिन्दू भाई के दिल में लगती थी, और अगर हिन्दू भाई की आँख में घास का छिलका (तिनका) जाता था तो आँसू मुस्लिम और दलित भाई की आँखों से निकलता था।” नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप आज़ाद के भाषण के उस अंश को देख सकते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस ने हिन्दू धर्म के अंतर्गत आने वाले समुदायों को अलग-अलग दिखाने या अलग करने की चेष्टा की हो। इससे पहले कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देकर उनका वोट लेने की कोशिश की थी लेकिन लिंगायत समुदाय के ही कई नेताओं व धर्मगुरुओं ने इसका विरोध किया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस पार्टी की यह चाल कामयाब नहीं हो पाई थी।

कई लोगों ने गुलाम नबी को ही क़ानून की याद दिलाई। लोगों ने कहा कि संविधान के अनुसार भी जाति और जनजाति हों या फिर सामान्य वर्ग के लोग, ये सभी हिन्दू धर्म के अंतर्गत ही आते हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने यह भी पूछा कि क्या आज़ाद हिन्दू-मुस्लिम करने से पहले भारत के संविधान से चीजें भूल गए हैं?

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

गौरी लंकेश, कमलेश तिवारी
गौरी लंकेश की हत्या के बाद पूरे राइट विंग को गाली देने वाले नहीं बता रहे कि कमलेश तिवारी की हत्या का जश्न मना रहे किस मज़हब के हैं, किसके समर्थक हैं? कमलेश तिवारी की हत्या से ख़ुश लोगों के प्रोफाइल क्यों नहीं खंगाले जा रहे?

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

100,227फैंसलाइक करें
18,920फॉलोवर्सफॉलो करें
106,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: