Tuesday, April 20, 2021
Home राजनीति सीताराम येचुरी के लिए तीसरी बार भी राज्यसभा का रास्ता बंद, अपनी पार्टी के...

सीताराम येचुरी के लिए तीसरी बार भी राज्यसभा का रास्ता बंद, अपनी पार्टी के नेता ही बने रोड़ा

पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात के नेतृत्व में एक वर्ग का मत है कि वह कॉन्गेस के समर्थन से येचुरी के राज्यसभा जाने का समर्थन किसी भी रूप में नहीं करते हैं। उनका कहना है कि पार्टी के महासचिव का कॉन्ग्रेस के समर्थन से चुना जाना पार्टी की उस विचारधारा के खिलाफ है।

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के लिए तीसरी बार भी राज्यसभा तक पहुँचने का रास्ता बंद हो गया। उन्हें उच्च सदन भेजने को लेकर उनकी खुद की पार्टी में आपसी मतभेद नजर आए। बताया जा रहा है कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल से कॉन्ग्रेस के समर्थन से उन्हें उच्च सदन में भेजने की माँग को रद्द कर दिया।

जानकारी के अनुसार, येचुरी को तीसरी बार भी राज्यसभा भेजने से रोकने के लिए केंद्रीय समिति के 45-50 सदस्यों ने वोट किया। जबकि केवल 25-30 ने उनका समर्थन किया।

इधर, बंगाल के नेताओं का तर्क है कि यदि वह उनके दिए ऑफर यानी समर्थन का फायदा नहीं उठाते हैं तो पार्टी का उच्च सदन में पश्चिम बंगाल से कोई प्रतिनिधित्व नहीं रह जाएगा। लेकिन, CPIM के कुछ नेताओं का मत है कि यदि येचुरी निर्विरोध चुने जाते हैं तो कॉन्ग्रेस के वोट लेने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी। वहीं कुछ का तर्क है कि येचुरी को विपक्षी राजनीति में सब जानते हैं और संसद में उनकी उपस्थिति से पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर पैठ बढ़ेगी। 

बता दें, पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल में विधायकों के आँकड़े के लिहाज से 4 राज्यसभा सीटें टीएमसी के हिस्से में जाना तय हैं और बाकी एक सीट अन्य के खाते में जा सकती है।

ऐसे में इस एक राज्यसभा सीट पर कॉन्ग्रेस और मार्क्सवादी पार्टी मिलकर अपना कब्जा जमा सकती हैं। लेकिन, बंगाल में सीपीएम ही नहीं पूरे वामपंथी दलों को भी मिलाने के बाद इतने विधायक नहीं हो रहे हैं कि वे अपने दम पर सीताराम येचुरी को राज्यसभा भेज सकें।

हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सीताराम येचुरी को राज्यसभा न भेजना एक और ऐतिहासिक गलती होगी। वहीं, पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात के नेतृत्व में एक वर्ग का मत है कि वह कॉन्ग्रेस के समर्थन से येचुरी के राज्यसभा जाने का समर्थन किसी भी रूप में नहीं करते हैं। उनका कहना है कि पार्टी के महासचिव का कॉन्ग्रेस के समर्थन से चुना जाना पार्टी की उस विचारधारा के खिलाफ है जिसमें उस पार्टी के साथ गठबंधन न करने का फैसला लिया गया है।

गौरतलब है कि येचुरी 2005 से 2017 तक राज्यसभा सदस्य रहे थे, लेकिन 2017 में पार्टी ने उन्हें फिर राज्यसभा में भेजने से इनकार कर दिया। हालाँकि, कॉन्ग्रेस पार्टी ने पहले भी उन्हें राज्यसभा में भेजने का ऑफर दिया था। मगर, यह तीसरी बार है जब येचुरी को राज्यसभा भेजने में उनकी पार्टी ही रोड़ा बन गई हो।

इंडिया टुडे से बातचीत में एक पार्टी लीडर ने येचुरी को राज्यसभा न भेजे जाने पर कहा कि ये पार्टी की पुरानी परंपरा है कि महासचिव इलेक्शन नहीं लड़ सकता। जबकि दूसरे नेताओं का कहना है कि राज्यसभा जाने के लिए पार्टी एक नेता को दो बार से ज्यादा नॉमिनेट नहीं किया जा सकता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोरोना से लड़ाई में मजबूत कदम बढ़ाती मोदी सरकार: फर्जी प्रश्नों के सहारे फिर बेपटरी करने निकली गिद्धों की पाँत

गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। फिर से श्मशान घाट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने पूर्व CM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, शिवसेना नेता कहा- ‘फडणवीस के मुँह में डाल देता कोरोना’

शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर उन्हें कहीं कोरोना वायरस मिल जाता, तो वह उसे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुँह में डाल देते।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक 5 शहरों में लगाए कड़े प्रतिबन्ध, योगी सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन से किया इनकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में लॉकडाउन लगाने से इंकार कर दिया है। यूपी सरकार ने कहा कि प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे। गरीबों की आजीविका को भी बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,231FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe