Homeराजनीतिझूठ बोले कौवा काटे... संसद भवन में राघव चड्ढा पर कौवे ने किया हमला,...

झूठ बोले कौवा काटे… संसद भवन में राघव चड्ढा पर कौवे ने किया हमला, अपना सिर बचाते दिखे AAP सांसद

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कौवा राघव चड्ढा के सिर को निशाना बना रहा है जबकि वो उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं।

संसद भवन परिसर में एक कौवे ने फोन पर बात कर रहे AAP के सांसद राघव चड्ढा पर हमला कर दिया। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। दिल्ली भाजपा ने इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए ‘झूठ बोले, कौवा काटे’ कहावत की याद दिलाई और कहा कि आज तक तो सिर्फ सुना था लेकिन अब देख भी लिया कि झूठे को कौवा काटता है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि राघव चड्ढा के एक हाथ में कुछ फाइल्स हैं तो दूसरे हाथ से वो फोन से किसी से बात कर रहे हैं।

इसी दौरान एक कौवा उन पर झपट्टा मारता है। ये तस्वीरें संसद के मॉनसून सत्र के दौरान की हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कौवा राघव चड्ढा के सिर को निशाना बना रहा है जबकि वो उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “माननीय सांसद जी पर कौवे द्वारा हमले की खबर से हृदय बहुत व्यथित हैं। आशा हैं आप स्वस्थ होंगे।”

कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने भी इस पर तरह-तरह की टिप्पणियाँ दीं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रभाकर सिंह परिहार ने लिखा कि कौवा, कुत्ता या बिल्ली, इन ‘आपियों’ को कोई नहीं छोड़ेगा। वहीं विपुल सक्सेना नामक यूजर ने कौवे के लिए सहानुभूति जताते हुए लिखा कि उसे ही चोट आ गई होगी, क्योंकि AAP नेताओं की चमड़ी मोटी होती है। हिमांश नामक यूजर ने आशंका जताई कि कहीं अब विपक्षी दल कौवे के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव न लेकर आ जाएँ।

बता दें कि मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सदन में बयान दिए जाने की माँग करते हुए समूचे विपक्ष ने संसद की कार्यवाही को बाधित कर रखा है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और फ्लोर टेस्ट की माँग भी स्पीकर से की गई है। लोकसभा में इसी बीच ‘फॉरेस्ट कंजर्वेशन एमेंडमेंट बिल’ भी पास हुआ, जो 1980 के इस एक्ट को संशोधित करेगा। इससे सीमा से 100 किलोमीटर भीतर के क्षेत्र को इस अधिनियम से छूट दी गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -