Friday, May 24, 2024
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‘अडानी के पोर्ट से अरब भेजे जा रहे हैं सैकड़ों गोवंश, वहाँ उन्हें काटा जाएगा’: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जानिए क्या है सच्चाई

वायरल वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे कैप्शन में आगे बढ़ कर यह भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा सरकार बीफ के व्यापारियों से चंदा ले रही है।

लोकसभा चुनावों के दौरान तमाम चेतावनियों के बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी खबरें फैला कर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिशें जारी हैं। इन खबरों को फैलाने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया है। कई बार तो इन्ही भ्रामक खबरों को कुछ दल अपनी विरोधी पार्टी के खिलाफ प्रचार का साधन बना लेते हैं। उन्हीं तमाम आधारहीन खबरों में से इस समय गुजरात से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर के दावा किया जा रहा है कि गुजरात के अडानी पोर्ट पर हजारों गायों से भरे ट्रक देखे गए हैं जिन्हें अरब देशों में सप्लाई किया जाएगा।

वायरल वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे कैप्शन में आगे बढ़ कर यह भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा सरकार बीफ के व्यापारियों से चंदा ले रही है। इस वीडियो को कल्याण सहाय मीणा नाम के एक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “गुजरात अडानी के पोर्ट पर हजारों गाय ट्रको में खड़ी है। अरब के देशों में जाने के लिए। जिन्हे वहाँ काटा जाएगा। कहा मर गए भक्तों ? गधों को याद दिला दूँ कि गौमांस का धंधा करने वालो से ही भाजपा ने चंदा लिया है। सब पैसे का खेल है।”

इस वीडियो में किसी जगह पर एक कतार में कई ट्रकें खड़ी दिख रहीं हैं। इन ट्रकों के अंदर गोवंश खड़े दिख रहे हैं। वीडियो को काफी ऊपर से ज़ूम कर के बनाया गया है। इस वीडियो को शेयर करने से अंसारी फैमिली भी नहीं चूका। अंसारी फैमिली ने भी ‘X’ हैंडल से कल्याण सहाय मीणा का है कैप्शन कॉपी कर के पेस्ट कर दिया। अंसारी फैमिली ने अपने कैप्शन में हँसी की इमोजी भी डाली है और इसे हैशटैग लगा कर ब्रेकिंग न्यूज़ घोषित कर दिया है।

इन दोनों के अलावा तमाम अन्य यूजर्स भी इस वीडियो को शेयर करने में शिद्दत से जुटे हुए हैं। उन सभी का कैप्शन लगभग एक जैसा ही है। इन तमाम लोगों के कैप्शन में गाय, अडानी और भाजपा कॉमन शब्द हैं। देव ठाकुर नंदवंशी जैसे कुछ हैंडलों ने इसे सवाल के तौर पर शेयर किया है। ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की।

जानिए क्या है सच्चाई

जब ऑपइंडिया ने इस वीडियो को खँगाला की तो सच्चाई कुछ और ही निकल कर सामने आई। हमने जब इसकी पड़ताल की तो हमें फेसबुक पर एक रील मिली। इस वीडियो के नीचे अडानी पोर्ट और अरबी भाषा में एक कैप्शन लिखा हुआ था। कैप्शन का हिंदी में अर्थ ‘बीफ बाजार’ है। यही रील हर तरफ वायरल की जा रही है।

जब हमने इस वीडियो की और पड़ताल की तो पाया कि दिख रहा बंदरगाह गुजरात तो दूर भारत का ही नहीं है। यह बंदरगाह इराक में मौजूद है जिसका नाम उम्म कसर पोर्ट है। यह इराक के उम्म कसर शहर में मौजूद है। इसे इराक का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह कहा जाता है। जब हमने गूगल से इस बंदरगाह के बारे में और जानकारी जुटाई तो पाया कि इराक को यहाँ से 80% सामान सप्लाई किया जाता है। इसी दौरान यह जानकारी भी निकल कर आई कि इसी बंदरगाह से कई गाय, भैंसें और अन्य जानवर ब्राज़ील भेजे जाते हैं।

इराक का अल-कसर पोर्ट

हमने अपनी और पड़ताल के दौरान गूगल पर उम्म कसर पोर्ट की तस्वीरें खोजीं। यहाँ दिखीं तस्वीरें वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्यों से काफी मेल खाती हैं। इसी के साथ हमने गुजरात स्थित उन 2 बंदरगाहों की पड़ताल की जो अडानी ग्रुप द्वारा संचालित हैं। हजीरा और मुंद्रा पोर्ट नाम के इन दोनों बंदरगाहों के चित्र वीडियो में दिख रहे पोर्ट से काफी अलग हैं।

अडानी समूह द्वारा संचालित दोनों पोर्ट

अंत में हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि वायरल वीडियो में दिख रहे बंदरगाह का भारत से कोई संबंध नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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