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‘दाढ़ी-टोपी की वजह से मुझे मंच पर नहीं बैठने देते’: मौलाना बदरुद्दीन अजमल का राहुल गाँधी पर निशाना, कहा – खत्म हो गई है कॉन्ग्रेस

अजमल ने कहा, "भारत के मुसलमान से ज्यादा उत्पीड़ित फिलहाल कोई नहीं है। भारतीय मुसलमान के पास न कोई लीडरशिप है और न ही उनके साथ कोई खड़ा होने वाला है। मैं 15 साल UPA में था। अभी INDIA ब्लॉक देश में बड़ी-बड़ी बात करता है, लेकिन इसने मुझे स्टेज पर नहीं बैठने दिया।"

एक वक्त था, जब भाजपा ने देश में ‘कॉन्ग्रेस मुक्त भारत’ नारा दिया था। जनता ने 44 सीटें देकर भारत को लगभग कॉन्ग्रेस मुक्त कर भी दिया। हालाँकि, यह बात विपक्षी दलों को नहीं समझ में आ रही है। अब उत्तर पूर्व राज्यों के मुस्लिमों में अपना प्रभाव रखने वाले सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि कॉन्ग्रेस खत्म हो चुकी है, लेकिन राहुल गाँधी को पता नहीं चल रहा है। वे अभी भी यात्रा निकाल रहे हैं।

दैनिक भास्कर को दिए अपने विशेष साक्षात्कार में बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि NDIA ब्लॉक असम में भी है, लेकिन राहुल गाँधी या कॉन्ग्रेस ने उन्हें साथ नहीं लिया। इसके बावजूद वह 14 में सिर्फ उन्हीं तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जहाँ कॉन्ग्रेस नहीं है। अजमल ने कहा कि उनका लक्ष्य भाजपा को केंद्र और राज्य की सत्ता से हटाना है।

अजमल ने कहा कि अफसोस की बात है कि सोनिया गाँधी पावर में नहीं हैं और राहुल गाँधी को RSS के लोगों ने घेर रखा है। गुलाम नबी आजाद जैसे सेक्युलर लोग थे। उन्हें पार्टी में रहने नहीं दिया। सलमान खुर्शीद को उन्होंने टिकट नहीं दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें लोगों की पहचान करनी चाहिए। भले वे सत्ता में नहीं हैं, लेकिन आज भी लोग उनके पास सलाह लेने आते हैं। उन्हें खुद पता करना होगा।” 

AIUDF के प्रमुख और असम के धुबरी से चौथी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे अजमल ने कॉन्ग्रेस के भविष्य पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “स्थिति ये है कि कॉन्ग्रेस बिल्कुल खत्म हो गई है। राहुल जी अब तक पदयात्रा और न्याय यात्रा कर रहे हैं। इधर, मैदान लुट रहा है और वे लोगों को यात्रा में ट्रेनिंग दे रहे हैं।”

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर अजमल ने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस उन्हें CM बना देती तो आज असम में भाजपा नहीं होती। असम में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को अगर किसी ने बैठाया है, तो वो राहुल गाँधी ही हैं। उन्होंने कहा कि सरमा के पास पार्टी चलाने का लंबा अनुभव था और तरुण गोगोई के समय में वे करीब हर मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुके थे।

अजमल ने कहा, “भारत के मुसलमान से ज्यादा उत्पीड़ित फिलहाल कोई नहीं है। भारतीय मुसलमान के पास न कोई लीडरशिप है और न ही उनके साथ कोई खड़ा होने वाला है। मैं 15 साल UPA में था। अभी INDIA ब्लॉक देश में बड़ी-बड़ी बात करता है, लेकिन इसने मुझे स्टेज पर नहीं बैठने दिया। उन्होंने कहा कि अगर हमने दाढ़ी-टोपी वाले को स्टेज पर बैठाया तो हिंदू भाइयों में गलत मैसेज जाएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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