Homeराजनीति'इमारत में गुंबद तो मस्जिद, लंबी-सीधी तो चर्च और अगर गंदी मूर्तियाँ/गुड़ियाँ हैं तो...

‘इमारत में गुंबद तो मस्जिद, लंबी-सीधी तो चर्च और अगर गंदी मूर्तियाँ/गुड़ियाँ हैं तो वह एक मंदिर’

"अगर इमारत में गुंबद है, तो यह एक मस्जिद है; अगर वो इमारत लंबी और सीधी हो, तो वो एक चर्च है; और अगर इमारत में गंदी मूर्तियाँ/गुड़ियाँ हैं, तो वह एक मंदिर है।"

तमिलनाडु के चिदंबरम निर्वाचन क्षेत्र के सांसद थोल थिरुमावलवन की हिन्दू मंदिर के सन्दर्भ में की गई टिप्पणी से सोशल मीडिया पर हंगामा बरपा हुआ है। यह टिप्पणी 13 नवंबर को की गई थी।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाले लोकसभा सांसद ने मंदिरों के सन्दर्भ में एक अभद्र टिप्पणी की। बता दें कि वो विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के संस्थापक हैं, जो अनुसूचित जाति के अधिकारों के लिए लड़ने का दावा करते हैं।

सोशल मीडिया एक वीडियो में, थिरुमावलवन को “सनातन धर्म शिक्षा नीतियों का विरोध” करने वाली एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “अगर इमारत में गुंबद है, तो यह एक मस्जिद है; अगर वो इमारत लंबी और सीधी हो, तो वो एक चर्च है; और अगर इमारत में गंदी मूर्तियाँ/गुड़ियाँ हैं, तो वह एक मंदिर है।”इस दौरान वहाँ कई दर्शक भी मौजूद थे, जिन्होंने नेता की टिप्पणी की सराहना भी की।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने चिदंबरम के सांसद की गिरफ़्तारी की माँग की है।

कुछ लोगों का कहना है कि आख़िर थिरुमावलवन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही थी, जबकि इंदु मक्कल काची (आईएमके) के संस्थापक अर्जुन संपत को सिर्फ़ एक तिरुवल्लुवर की मूर्ति को भगवा गमछा बाँधने और फिर उसे रुद्राक्ष की माला पहनाने पर गिरफ़्तार कर लिया गया था।

ख़बर के अनुसार, हिन्दू मुन्नानी ने अरियालुर ज़िले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में शिक़ायत दर्ज की है कि उन पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और विदुथलाई थिरुमावलवन काची (वीसीके) नेता थोल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है। अपनी कथित टिप्पणी के ज़रिए थिरुमावलवन ने हिन्दू देवताओं और धार्मिक विश्वासों को नीचा दिखाया।

संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार (14 नवंबर) को जयमकोंडम, कुवागम, अंदिमडम और सेंदुरई पुलिस स्टेशनों में शिक़ायतें दर्ज कीं। पुलिस ने बताया कि शिक़ायत पर सेंदुरई पुलिस ने एक सीएसआर (सामुदायिक सेवा रजिस्टर) रसीद जारी की है। सूत्रों ने कहा कि चार पुलिस स्टेशनों में इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

तमिलनाडु कॉन्ग्रेस के एक नेता, अमेरिकाै वी नारायणन ने ट्वीट कर उन्होंने थिरुमावलवन की टिप्पणी पर अपना दु:ख व्यक्त किया, जिसके बाद उन्होंने बताया कि तिरुमलावलन को अपनी टिप्पणी पर पछतावा है और वो टिप्पणी तैश में आकर की गई थी।

बता दें कि थिरुमावलवन इससे पहले भी हिन्दुओं की आलोचना कर चुके हैं और बाद में वो अपने बयान से पलट जाते हैं। हालाँकि, चिदंबरम सांसद ने कथित तौर पर अपने भाषण पर ख़ेद व्यक्त किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनसे सार्वजनिक माफ़ी की माँग की है। संशयवादियों का कहना है कि थिरुमावलवन एक आदतन अपराधी है और वह संभवत: भविष्य में फिर इसी तरह के बयान देगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फिर याद आया आपातकाल… 51 साल बाद भी नहीं बदली कॉन्ग्रेस की मानसिकता, हिमाचल में गड़बड़ी पर सवाल पूछे तो ब्लॉक करा दी News4Himalayan...

‘गोदी मीडिया’ बोलने वाली कॉन्ग्रेस अब सवाल पूछने पर मीडिया को कर रही बैन। हिमाचल में News4Himalayan पर कार्रवाई से उठे सवाल।

हमास का समर्थन, अल-कायदा का ‘बचाव’… जानें- कौन हैं DSA के चुनाव में ममदानी के समर्थन से जीतने वालीं ‘हिजाबन’ अबर कवास और दारियालिजा?

अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी की शेवेलियर और कवास ने भी जोहरान ममदानी की राह पर मुस्लिम-पीड़ित पहचान, हमास को समर्थन और अमेरिकी नीतियों की आलोचना करके ही चुनाव जीता है।
- विज्ञापन -