आध्यात्मिक यात्रा पर हिमालय के लिए निकले सुपरस्टार रजनीकांत, तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज़

तमिल अभिनेता रजनीकांत परमहंस योगानंद द्वारा बताई गई साधना प्रक्रिया का अनुसरण करते हैं। योगानन्द महावतार बाबा के शिष्य थे। रजनीकांत हिमालय की किसी गुफा में जाकर साधना करते हैं और अधिकतर समय एकांत में व्यतीत करते हैं।

सुपरस्टार रजनीकांत 10 दिनों की आध्यात्मिक यात्रा के लिए हिमालय रवाना हो गए हैं। वहाँ वह साधना और ध्यान करेंगे। इस दौरान रजनीकांत केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा टेम्पल सहित कई मंदिरों व पवित्र स्थलों का दौरा करेंगे और वहाँ दर्शन करेंगे।

वह महावतार बाबा के भक्त हैं और 2018 में भी उन्होंने लगभग 14 दिन हिमालय में गुजारे थे। हालाँकि, सार्वजनिक रूप से रजनीकांत अपनी यात्राओं के बारे में घोषणा करते से बचते हैं, क्योंकि इतनी बड़ी फैन फॉलोविंग होने के कारण फैंस उनके यात्रास्थल पर पहुँच सकते हैं।

तमिल अभिनेता रजनीकांत परमहंस योगानंद द्वारा बताई गई साधना प्रक्रिया का अनुसरण करते हैं। योगानन्द महावतार बाबा के शिष्य थे। रजनीकांत हिमालय की किसी गुफा में जाकर साधना करते हैं और अधिकतर समय एकांत में व्यतीत करते हैं। हालाँकि, सुरक्षा कारणों से इस पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखने की कोशिश की जाती है। इस बार भी रजनीकांत जब हिमालय के लिए निकल रहे थे, तब एयरपोर्ट पर उनकी तस्वीर लीक हो गई। तमिल फ़िल्म समीक्षक श्रीधर पिल्लई ने इस तस्वीर को ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी।

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अगर बॉक्स ऑफिस की बात करें तो 2018 में रिलीज हुई उनकी फ़िल्म ‘2.0’ ने 800 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार किया था, जबकि इस वर्ष आई फ़िल्म ‘पेट्टा’ ने एक अन्य बड़ी तमिल फ़िल्म के साथ क्लैश करने के बावजूद 250 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार किया। इस तरह पिछली दोनों फ़िल्मों की सफलता के बाद रजनीकांत ने ‘दरबार‘ फ़िल्म की शूटिंग कर रहे हैं, जिसमें वह दशकों बाद एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रहे हैं।

जहाँ तमिलनाडु के अधिकतर द्रविड़ राजनितिक नेता अपने आप को धर्म और अध्यात्म से दूर रखने का दिखावा करते हैं और जनता के बीच ख़ुद को ‘धर्मनिरपेक्ष’ साबित करने की कोशिश में लगे रहते हैं, राजनीति में एंट्री की घोषणा कर चुके रजनीकांत का यह आध्यात्मिक दौरा राज्य के सियासी समीकरण के लिए अहम है। ख़बरों में कहा जा रहा है कि वह वहाँ से लौट कर वे एक मसाला मूवी पर काम शुरू करेंगे।

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"हिन्दू धर्मशास्त्र कौन पढ़ाएगा? उस धर्म का व्यक्ति जो बुतपरस्ती कहकर मूर्ति और मन्दिर के प्रति उपहासात्मक दृष्टि रखता हो और वो ये सिखाएगा कि पूजन का विधान क्या होगा? क्या जिस धर्म के हर गणना का आधार चन्द्रमा हो वो सूर्य सिद्धान्त पढ़ाएगा?"

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