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हिन्दुओं का विश्वास जीतने का दाँव पड़ा उलटा: केजरीवाल ने पढ़ी हनुमान चालीसा तो बिफरे मुस्लिम

हिंदू वोटों को अपनी ओर खींचने के प्रयासों में अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया पर इस्लामवादियों को नाराज कर दिया है। वहीं एक यूजर ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और लिखा कि क्या हिंदुओं को ही अपनी धर्म के बातें करने की आज़ादी है?

दिल्ली विधानसभा के चुनावों में सिर्फ 5 दिन शेष हैं। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों के कहने पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। न्यूज 18 हिंदी चैनल द्वारा ‘एजेंडा दिल्ली’ के से एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में एंकर ने केजरीवाल से पूछा था कि क्या वह हनुमान मंदिरों का दौरा करते हैं, जिस पर केजरीवाल ने उत्साह से जवाब दिया और कहा, “हाँ मैं करता हूँ”।

फिर से एंकर ने पूछा कि क्या उनको हनुमान चालीसा पढ़नी आती है। इसका भी केजरीवाल ने अपनी हाँ में जवाब दिया। इसी के साथ केजरीवाल को दर्शकों के साथ हनुमान चालीसा बोलने के लिए कहा, जिस पर केजरीवाल आसानी से राजी हो गए।

सीएए विरोध के दौरान दिल्ली में हिंसा भड़काने के पीछे केजरीवाल की पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान का नाम आया था। जहाँ एक तरह ये ख़बर सुर्खियाँ बन रही हैं, दूसरी तरफ केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ कर के हिन्दू वोटरों को रिझाने में लगे हैं। मीडिया का एक वर्ग भी इस काम में उनका ख़ूब साथ दे रहा है। वहीं बीते दिनों दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी कहा था कि वे शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता के साथ खड़े हैं।

हालाँकि, हिंदू वोटों को अपनी ओर खींचने के प्रयासों में अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया पर इस्लामवादियों को नाराज कर दिया है। वहीं एक यूजर ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और लिखा कि क्या हिंदुओं को ही अपनी धर्म के बातें करने की आज़ादी है? वहीं जब दूसरे धर्मों के लोग प्रदर्शित करते हैं तो उनको ग़लत ठहरा दिया जाता है।

पिछले दिनों में बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की गलत नीतियों के कारण केजरीवाल पर निशाना साधते हुए पार्टी को कटघरे में खड़ा किया था। दरअसल इन चुनावों में शाहीन बाग एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। सीएए के खिलाफ इन विरोध प्रदर्शनों में ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ और ‘जिन्ना वाली आजादी’ जैसे नारों को सुना गया है। इन सबके बावजूद सभी आरोपों के दरकिनार करते हुए आम आदमी पार्टी ने इन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आने का फैसला किया था।

हालाँकि, अब ख़ुद को इन सबसे अलग दिखाने के लिए केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ करने में लगे हैं। अब यह देखना होगा कि चुनाव के दिन इसका दिल्ली के वोटरों पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। ये तो 11 फ़रवरी को परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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