बंगाल में चुनावी हिंसा: EVM पर BJP उम्मीदवार के नाम और सिंबल पर चिपकाई काली टेप

बागडोगरा के एक मतदान केंद्र में, भाजपा उम्मीदवारों को वोट ना पड़े, इसके लिए दिमाग लगाया गया। यहाँ EVM पर भाजपा के प्रतीक चिन्ह के आगे और उम्मीदवार के नाम पर भी काला टेप चिपका हुआ पाया गया।

व्यापक हिंसा होने की आशंकाओं के चलते पश्चिम बंगाल में चुनाव सात चरणों में सम्पन्न कराए जाने का निर्णय लिया गया, ताकि मतदान के लिए अधिकतम सुरक्षा बल तैनात किए जा सकें। लेकिन लगता है कि इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है, क्योंकि राज्य में आज दूसरे चरण के मतदान के दौरान हिंसा की कई ख़बरें सामने आई हैं।

ख़बर के अनुसार, दार्जिलिंग निर्वाचन क्षेत्र के चोपरा में व्यापक हिंसा देखी गई, जहाँ उपद्रवियों ने मतदाताओं को वोट डालने से रोकने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में बाहर आकर राजमार्ग को अवरुद्ध किया। सुरक्षा बलों को आँसू गैस के गोले दागने पड़े और लोगों पर लाठीचार्ज भी करना पड़ी, जिससे भीड़ पर क़ाबू पाया जा सके। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, बाद में स्थानीय लोगों को सुरक्षा बलों के संरक्षण में मतदान करने की अनुमति दी गई।

उसके बाद, TMC के कार्यकर्ताओं ने चोपरा में दिघीरपार पोलिंग बूथ के अंदर भाजपा कार्यकर्ताओं से मार-पीट की। इस झड़प के दौरान, एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को तोड़ दिया गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इस वीडियो को देखने से पता चलता है कि पूरे पोलिंग बूथ पर काफ़ी बर्बरता की गई थी, और VVPAT मशीन और बैलट यूनिट सहित EVM ज़मीन पर पड़ा था। इस घटना के बाद चोपरा के बूथ नंबर 112 पर मतदान रोक दिया गया

दार्जिलिंग निर्वाचन क्षेत्र की एक अन्य घटना में, EVM में हेराफेरी की घटना सामने आई। बागडोगरा के एक मतदान केंद्र में, भाजपा उम्मीदवारों को वोट ना पड़े, इसके लिए दिमाग लगाया गया। यहाँ EVM पर भाजपा के प्रतीक चिन्ह के आगे और उम्मीदवार के नाम पर भी काला टेप चिपका हुआ पाया गया। इस बात के पता चलने के बाद बूथ में आधे घंटे के लिए मतदान रोक दिया गया। टेप हटाने के बाद बूथ में मतदान फिर से शुरू किया गया और अधिकारियों द्वारा EVM की जाँच की गई।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

ये पढ़ना का भूलें

लिबरल गिरोह दोबारा सक्रिय, EVM पर लगातार फैला रहा है अफवाह, EC दे रही करारा जवाब

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ओपी राजभर

इतना सीधा नहीं है ओपी राजभर को हटाने के पीछे का गणित, समझें शाह के व्यूह की तिलिस्मी संरचना

ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
उपेंद्र कुशवाहा

‘सड़कों पर बहेगा खून अगर मनमुताबिक चुनाव परिणाम न आए, समर्थक हथियार उठाने को तैयार’

एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
राशिद अल्वी

EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"
पुण्य प्रसून वाजपेयी

20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को 35+ सीटें: ‘क्रन्तिकारी’ पत्रकार का क्रन्तिकारी Exit Poll

ऐसी पार्टी, जो सिर्फ़ 20 सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है, उसे वाजपेयी ने 35 सीटें दे दी है। ऐसा कैसे संभव है? क्या डीएमके द्वारा जीती गई एक सीट को दो या डेढ़ गिना जाएगा? 20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी 35 सीटें कैसे जीत सकती है?

यूट्यूब पर लोग KRK, दीपक कलाल और रवीश को ही देखते हैं और कारण बस एक ही है

रवीश अब अपने दर्शकों से लगभग ब्रेकअप को उतारू प्रेमिका की तरह ब्लॉक करने लगे हैं, वो कहने लगे हैं कि तुम्हारी ही सब गलती थी, तुमने मुझे TRP नहीं दी, तुमने मेरे एजेंडा को प्राथमिकता नहीं माना। जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तब तुम देशभक्त हो गए।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
राहुल गाँधी, बीबीसी

2019 नहीं, अब 2024 में ‘पकेंगे’ राहुल गाँधी: BBC ने अपने ‘लाडले’ की प्रोफाइल में किया बदलाव

इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।
योगेन्द्र यादव

योगेंद्र यादव का दावा: अबकी बार 272 पार, आएगा तो मोदी ही

उन्होंने स्वीकार किया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक का बाद स्थिति बदल गई है। आज की स्थिति में अब बीजेपी बढ़त की ओर आगे बढ़ गई है।
ट्रोल प्रोपेगंडाबाज़ ध्रुव राठी

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

41,313फैंसलाइक करें
7,863फॉलोवर्सफॉलो करें
63,970सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: