Sunday, October 17, 2021
Homeराजनीतिफिरोजशाह कोटला का नाम अब होगा अरुण जेटली स्टेडियम, लंबे समय तक रहे थे...

फिरोजशाह कोटला का नाम अब होगा अरुण जेटली स्टेडियम, लंबे समय तक रहे थे DDCA के अध्यक्ष

"वह अरुण जेटली का सहयोग और प्रोत्साहन था जिसने कि विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, ऋषभ पंत और कई अन्य खिलाड़ियों ने भारत को गौरवान्वित किया।"

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने मंगलवार (अगस्त 27, 2019) को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम अपने पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के नाम पर रखने का फैसला किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का गत शनिवार (अगस्त 24, 2019) को निधन हो गया था। इस स्टेडियम को अब अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। इसका नया नामकरण 12 सितंबर को एक समारोह में किया जाएगा।

डीडीसीए ने ट्विटर पर स्टेडियम का नाम बदलने की जानकारी दी। डीडीसीए ने ट्वीट किया, “कोटला का नाम अब बदल कर अरुण जेटली स्टेडियम कर दिया जाएगा। दिल्ली के ऐतिहासिक क्रिकेट स्टेडियम के नाम बदलने का समारोह 12 सिंतबर को आयोजित किया जाएगा और इसी दिन स्टेडियम के एक स्टैंड का नाम विराट कोहली के नाम पर रखा जाएगा।”

डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा, “वह अरुण जेटली का सहयोग और प्रोत्साहन था जिसने कि विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, ऋषभ पंत और कई अन्य खिलाड़ियों ने भारत को गौरवान्वित किया।”

अरुण जेटली को इस स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने और दर्शक क्षमता बढ़ाने के साथ विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम बनवाने का श्रेय जाता है। इसमें एक स्टैंड का नाम भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के नाम पर भी रखा जाएगा, जिसकी पूर्व में घोषणा की गई थी। यह समारोह जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होगा, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और खेल मंत्री किरन रिजिजू भी हिस्सा लेंगे।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बेअदबी करने वालों को यही सज़ा मिलेगी, हम गुरु की फौज और आदि ग्रन्थ ही हमारा कानून’: हथियारबंद निहंगों को दलित की हत्या पर...

हथियारबंद निहंग सिखों ने खुद को गुरू ग्रंथ साहिब की सेना बताया। साथ ही कहा कि गुरु की फौजें किसानों और पुलिस के बीच की दीवार हैं।

सरकारी नौकरी से निकाला गया सैयद अली शाह गिलानी का पोता, J&K में रिसर्च ऑफिसर बन कर बैठा था: आतंकियों के समर्थन का आरोप

अलगाववादी नेता रहे सैयद अली शाह गिलानी के पोते अनीस-उल-इस्लाम को जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरी से निकाल बाहर किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,125FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe