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उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस को एक और झटका, 3 बार सांसद रहीं राजकुमारी रत्ना भाजपा में शामिल

कालाकांकर राजघराना उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस छोड़ने वाला दूसरा राजघराना है। इसके पहले अमेठी के राजा संजय सिंह ने भी लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी की सदस्यता और राज्यसभा से त्यागपत्र दे दिया था।

उत्तर प्रदेश में एक और बड़ी कॉन्ग्रेस नेत्री ने भाजपा का दामन थाम लिया है। कालाकांकर (लखनऊ और प्रयागराज के बीच) के राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह ने भाजपा की सदस्यता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में ग्रहण की है। अपने समर्थकों सहित प्रतापगढ़ के एक चुनावी कार्यक्रम में भाजपा में आने वालीं राजकुमारी रत्ना 1996, 1999 और 2009 में संसद की सदस्य रह चुकी हैं

21 अक्टूबर को प्रतापगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। ऐसे में यह कॉन्ग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। इस मौके पर राजकुमारी रत्ना के पुत्र राजकुमार भुवन्यु सिंह भी मौजूद रहे। प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेताओं का जमघट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपना दल प्रत्याशी राजकुमार के लिए चुनावी जनसभा हेतु उपस्थित था। उसी जनसमूह के समक्ष राजकुमारी रत्ना के भाजपा सदस्यता ग्रहण करने की घोषणा की गई।

राजकुमारी रत्ना के पिता राजा दिनेश सिंह दो बार विदेश मंत्री भी रह चुके हैं। एक बार 1969-70 के समय इंदिरा गाँधी की सरकार में और 1993-95 में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में।

कालाकांकर राजघराना उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस छोड़ने वाला दूसरा राजघराना है। इसके पहले अमेठी के राजा संजय सिंह ने भी इसी साल लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी की सदस्यता और राज्यसभा से त्यागपत्र दे दिया था। यही नहीं, कॉन्ग्रेस की ‘VIP’ रायबरेली सीट की विधायक अदिति सिंह के भी तेवर बागी हैं, और उनके भाजपा में जाने की सुगबुगाहट जारी है

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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