Friday, July 1, 2022
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शठे शाठ्यं समाचरेत: हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर का वायरल वीडियो, हिंसा नहीं अनुशासन की बात

"शठे शाठ्यं समाचरेत... इसका मतलब है जैसे को तैसा, उठा लो डंडे... इतिहास में नाम लिखा जाएगा। इसमें एक ही बात ध्यान रखना है कि जोश के साथ अनुशासन बना कर रखना है।”

कृषि कानूनों के खिलाफ ‘किसानों’ का प्रदर्शन लंबे समय से जारी है। हाल के दिनों में इन ‘किसानों’ का प्रदर्शन उग्र भी हुआ है और अब दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब और यूपी में भी ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन जारी है। रविवार (अक्टूबर 3, 2021) को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है।

इसी बीच किसानों के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह चंडीगढ़ में किसानों को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम में संभवत: किसानों के जारी आंदोलन से पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में खट्टर ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में ज्यादा समस्या नहीं है और यह राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों तक सीमित है।

इस वीडियो में खट्टर कहते हैं, “कुछ नए किसानों के जो और संगठन उभर रहे हैं, उनको भी प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे बढ़ाना पड़ेगा और हर जिले में खास करके ये उत्तर और पश्चिम हरियाणा के, दक्षिण हरियाणा में ये समस्या ज्यादा नहीं है। लेकिन उत्तर-पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने किसानों के 500, 700, 1000 लोग खड़े करो, उनको स्वयंसेवक बनाओ और फिर जगह-जगह ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’। इसका क्या अर्थ है… इसका मतलब है जैसे को तैसा, उठा लो डंडे।”

सभा में बैठे किसी के कुछ पूछने पर CM खट्टर ने आगे कहा, “नहीं… हम वो देख लेंगे और दूसरी बात ये है कि जब उठाओगे डंडे तो जमानत की परवाह मत करो। जब एक महीने, तीन महीना या छह महीना वहाँ रह आओगे तो इतनी पढ़ाई इस मीटिंग में नहीं होगी, जितनी वहाँ सीख लोगे। अगर दो-चार महीने वहाँ रह आओगे तो बड़े नेता अपने आप बन जाओगे। चिंता मत करो दो-चार महीने वहाँ रहोगे तो बड़े नेता बन जाओगे। इतिहास में नाम लिखा जाएगा। इसमें एक ही बात ध्यान रखना है कि जोश के साथ अनुशासन बना कर रखना है। जो सूचना मिल गई है कि यहाँ तक करना है, इसके आगे नहीं करना, तो फिर नहीं करना है।”

उल्लेखनीय है कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे ‘किसानों’ ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन के नेताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। वे उन स्थानों के पास इकट्ठा होते हैं, जहाँ भाजपा या जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेताओं के कार्यक्रम होते हैं और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हैं।

गौरतलब है कि हरियाणा के झज्जर में शुक्रवार (अक्टूबर 1, 2021) को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का कार्यक्रम था। बड़ी संख्या में कथित किसान इसका विरोध करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। उनको रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी।

पिछले दिनों भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा की खट्टर सरकार को चेतावनी दी थी। चढ़ूनी ने कहा था कि अगर 1 अक्टूबर से धान खरीद नहीं शुरू हुई तो भाजपा के एमएलए, एमपी के घर का इस तरह घेराव करेंगे कि उनके घर का कुत्ता भी बाहर नहीं निकल पाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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