Homeराजनीतिपिछले पाँच वर्षों में तीन बार हुए एयर स्ट्राइक, मगर जानकारी दो की ही...

पिछले पाँच वर्षों में तीन बार हुए एयर स्ट्राइक, मगर जानकारी दो की ही दूँगा: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहली बार हमने तब सीमा पार कर स्ट्राइक की थी, जब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के उरी में हमारे सोए हुए जवानों पर हमला किया था। जिसमें हमारे 17 जवान बलिदान हो गए थे।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना की तरफ से किए गए एयर स्ट्राइक पर अभी सियासी बवाल थमा नहीं कि कर्नाटक के मंगलूरू में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक को लेकर एक एक नई जानकारी देकर सबको चौंका दिया है।

गृह मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों में भारतीय सेना ने तीन बार सीमा पार जाकर एयर स्ट्राइक कर कामयाबी हासिल की है। इस दौरान राजनाथ ने साफ किया कि वह दो स्ट्राइक की जानकारी तो देंगे, लेकिन तीसरी एयर स्ट्राइक के बारे में कुछ नहीं बताएंगे।

बता दें कि राजनाथ सिंह ने शनिवार को पुलवामा आतंकी हमले को लेकर सेना के शौर्य की सराहना की और साथ ही यह बताकर सबको चौंका दिया कि भारत ने तीन स्ट्राइक में सफलता पाई है। राजनाथ ने कहा, “पिछले पाँच वर्षों में हम तीन बार अपनी सीमा के बाहर जाकर स्ट्राइक कर कामयाबी हासिल की है। दो की जानकारी दूँगा, लेकिन तीसरी की नहीं दूँगा।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहली बार हमने तब सीमा पार कर स्ट्राइक की थी, जब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के उरी में हमारे सोए हुए जवानों पर हमला किया था। जिसमें हमारे 17 जवान बलिदान हो गए थे। वहीं दूसरी बार ऐसा ही हमला पुलवामा हमले के बाद हमारी सेना की तरफ से किया गया था। हालाँकि राजनाथ सिंह ने तीसरी एयर स्ट्राइक के बारे में तो नहीं बताया, लेकिन इतना ज़रूर कहा कि अब यह भारत कमजोर नहीं रहा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -