Homeराजनीतिमोदी विरोधी फ़िल्म निर्माताओं के हस्ताक्षर बयान में फर्ज़ीवाड़ा, मनमर्ज़ी से जोड़ा गया नाम

मोदी विरोधी फ़िल्म निर्माताओं के हस्ताक्षर बयान में फर्ज़ीवाड़ा, मनमर्ज़ी से जोड़ा गया नाम

लिस्ट में शामिल फ़िल्म निर्माताओं में से एक ने इस तरह के किसी भी बयान को जारी करने से इनकार किया है। अभिनेत्री और निर्माता आरती पटेल, जिनका नाम लिस्ट में दूसरे नंबर पर दर्ज है, उन्होंने कहा कि इस तरह की लिस्ट नकली है।

29 मार्च को भारत में फिल्म उद्योग से जुड़ी 100 से अधिक हस्तियों की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ एक संयुक्त बयान जारी करने की ख़बर सामने आई थी। आर्टिस्ट यूनाइटेड इंडिया नाम की वेबसाइट पर जारी सेव डेमोक्रेसी नाम के एक बयान में 103 छोटे स्तर के और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं ने लोगों से लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के ख़िलाफ़ वोट देने की अपील की थी।

लेकिन अब लिस्ट में शामिल फ़िल्म निर्माताओं में से एक ने इस तरह के किसी भी बयान को जारी करने से इनकार किया है। अभिनेत्री और निर्माता आरती पटेल, जिनका नाम लिस्ट में दूसरे नंबर पर दर्ज है, उन्होंने कहा कि इस तरह की लिस्ट नकली है। कॉन्ग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के एक ट्वीट के जवाब में आरती ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही उन्होंने ऐसी किसी अपील पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि जब हमने पहली बार इस विषय पर समाचार प्रकाशित किया था, तो उसमें 103 नाम थे जिनमें आरती पटेल का नाम नहीं था। अब हस्ताक्षर करने वालों की कुल संख्या 124 हो गई है, जिसका अर्थ है कि सूची में 21 नए नाम बाद में जोड़े गए, जिसमें आरती पटेल का नाम भी शामिल है।

एक बात और ध्यान देने वाली है कि जिस वेबसाइट पर यह बयान जारी किया गया था, उसमें सादे क़ागज़ पर केवल व्यक्तियों के नाम लिखे हुए थे उनके हस्ताक्षर नहीं थे। इसी से पता चलता है कि यह बयान संबंधी यह पूरी ख़बर भ्रम फैलाने की मंशा से प्रचारित की गई। वेबसाइट में केवल एक पेज था, जो इस बयान को जारी करने के तीन दिन पहले यानी 26 मार्च को बनाया गया था।

यह दिलचस्प है कि आरती पटेल का नाम मोदी विरोधी बयान में शामिल था, जबकि वो ख़ुद पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए #VoteKar अभियान में भाग ले रही हैं, जिसमें लोगों से लोकसभा चुनाव के दौरान बाहर आने और वोट करने का आग्रह किया गया है।

आरती पटेल एक पुरस्कृत गुजराती अभिनेत्री और फिल्म निर्माता हैं। वह Bey Yaar (2014), लव इन भवई (2017) और मिशन मम्मी (2016) फिल्मों के लिए जानी जाती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हर एक की अपनी कहानी, गवाह मुकर गए और खून किसका था पता नहीं: फिर भी 7 को उम्रकैद, नर्मदापुरम ‘मॉब लिंचिंग’ में जज...

नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग केस में 7 लोगों को उम्रकैद मिली लेकिन गवाहों, शिनाख्ती, FSL और बरामदगी को लेकर फैसले में कई गंभीर सवाल उठते हैं।

‘The Wire’ ने दिखाई भारतीय सेना के लिए घृणा, अली अहमद ने ‘हिंदी और हिंदुत्व’ के बहाने फैलाया हिंदू विरोधी एजेंडा: आर्मी के ‘हिंदूकरण’...

'The Wire' में अली अहमद का असली मकसद सेना को बदनाम करना है। क्योंकि सेना इनके मनमुताबिक बनी नकली धर्मनिरपेक्षता की बातों को नहीं मानती हैं।
- विज्ञापन -