Homeराजनीतिजल शक्ति मंत्री ने कहा- अब इन तीन नदियों का पानी पाक नहीं जाने...

जल शक्ति मंत्री ने कहा- अब इन तीन नदियों का पानी पाक नहीं जाने देंगे

शेखावत की बातें 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान पर लगातार कड़े होते जा रहे मोदी सरकार के रुख में एक और कड़ी हैं। और यह कोई नई योजना भी नहीं है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बयान दिया है कि हिंदुस्तान अब सिंधु जल समझौते के तहत अपने हिस्से का पानी पाकिस्तान को और नहीं लेने देगा। बुधवार को ANI से बात करते हुए शेखावत ने कहा, “हिंदुस्तान के हिस्से के पानी में से काफी ज्यादा पाकिस्तान को चला जाता है। इनमें से कई नदियाँ रावी, व्यास और सतलज तंत्र की उपनदियाँ हैं, और इनके कैचमेंट एरिया (हौज़, जलग्रहण क्षेत्रों) में से पानी उस तरफ (पाकिस्तान को ) चला जाता है। हम इस पर तेज़ी से काम कर रहे हैं कि कैसे हमारे हिस्से का पानी जो पाकिस्तान में चला जाता है, उसे घुमा कर अपने किसानों, उद्योगों और लोगों के प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सके।”

उन्होंने इस योजना की तकनीकी और जलशास्त्रीय (हाइड्रोलॉजिकल) अनुकूलता पर शोध शुरू करने की भी बात कही। उनके अनुसार उन्होंने इस विषय पर अध्ययन जल्दी खत्म करने का निर्देश दिया है, ताकि योजना को अमली जामा पहनाया जा सके

शेखावत की बातें 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान पर लगातार कड़े होते जा रहे मोदी सरकार के रुख में एक और कड़ी हैं। और यह कोई नई योजना भी नहीं है। मई में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने भी पाकिस्तान द्वारा जिहादियों को समर्थन में कमी न होने के चलते मोदी सरकार द्वारा पानी का बहाव रोकने पर विचार करने की बात कही थी।

1960 में नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुए सिंधु जल समझौते में हिंदुस्तान को रावी, व्यास और सतलज के पानी का पूरा अधिकार मिला था, जिसके बदले हमें पाकिस्तान को सिंधु, चेनाब और झेलम के पानी पर पूरा हक़ देना होता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -