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कोलकाता: 3 बजे के बाद अचानक गायब हुए वोटर, TMC गुंडों की चाल या भारी पड़ी गुंडई!

टीएमसी के गुंडों द्वारा हुई हिंसा के कारण उसके नेताओं को लग रहा था कि इन क्षेत्रों में भी ज्यादा से ज्यादा मतदाता वोट डालने पहुँचेंगे पर ऐसा मुमकिन नहीं हुआ।

मतदान के आखिरी चरण में रविवार (मई 19, 2019) को कोलकाता के दो निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग हुई। खबरों के मुताबिक यहाँ दोपहर 3 बजे के बाद अचानक मतदान केंद्र से मतदाता गायब दिखे। इस कारण 2014 के मुकाबले यहाँ वोटिंग कम हुई।

वैसे तो कोलकाता नॉर्थ और कोलकाता साउथ पर हुई वोटिंग की संख्या हमेशा बंगाल की अन्य सीटों पर हुए मतदान से कम ही रहती हैं। फिर भी, टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस बार मतदाताओं की उमड़ी भीड़ देखकर ऐसा लग रहा था मानो इन दोनों सीटों पर 2014 के आँकड़े टूटेंगे। लेकिन 3 बजे के बाद अचानक गायब हुए वोटर्स के कारण ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया।

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता नॉर्थ में 1 बजे तक करीब 43.6% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर 3 बजे तक यह आँकड़ा 54.9% तक पहुँच गया था। लेकिन दिन खत्म होते-होते कुल वोटिंग सिर्फ़ 61.1 % ही हुई। स्पष्ट है कि बाकी 3 घंटों में महज 6 प्रतिशत ही वोटिंग हुई।

इसी प्रकार कोलकाता साउथ में दोपहर तक 43.8% मतदाताओं ने वोट डाला। हालाँकि अगले 2 घंटों में 15% की तेजी देखने को मिली। नतीजतन 3 बजे के भीतर 58.6% मतदान हुआ। शाम होते-होते साउथ कोलकाता में इस बार कुल मतदान 67% रहा। जबकि 2014 में यह आँकड़ा 69.3% था।

इस वर्ष बंगाल के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो मतदान प्रतिशत में काफ़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2014 की कुल वोटिंग जहाँ 81.1% हुई थी वहीं इस साल राज्‍य में कुल मतदान का प्रतिशत 83.8 रहा है। लेकिन बीते दिनों टीएमसी के गुंडों द्वारा हुई हिंसा के कारण टीएमसी के नेताओं को लग रहा था कि इन क्षेत्रों में भी ज्यादा से ज्यादा मतदाता वोट डालने पहुँचेंगे पर ऐसा मुमकिन नहीं हुआ। कोलकाता के इन दो क्षेत्रों में मतदाताओं का ऐसा व्यवहार नेताओं के लिए भी हैरान करने वाला रहा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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