Thursday, August 5, 2021
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‘अयोध्या में भूमि पूजन के दिन बंगाल में पूर्ण लॉकडाउन तृणमूल कॉन्ग्रेस की हिंदू विरोधी मानसिकता दर्शाती है’

‘‘राज्य सरकार ने दो अगस्त को लॉकडाउन वापस ले लिया क्योंकि इससे एक दिन पहले ईद का त्योहार था। जब बात स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े अवसरों में से एक – पाँच अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन की आई तो तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार ने लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया।"

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए पाँच अगस्त को भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया है। भाजपा ने इसी तारीख को पूर्ण लॉकडाउन लागू करने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले की तीखी आलोचना करते हुए रविवार (अगस्त 2, 2020) को कहा कि इससे सत्तारूढ़ पार्टी की ‘हिंदू विरोधी मानसिकता’ प्रदर्शित होती है।

हालाँकि, तृणमूल कॉन्ग्रेस नेतृत्व ने भाजपा के दावे को ‘निराधार’ करार दिया और भगवा पार्टी से ‘कोविड-19 महामारी के दौरान सांप्रदायिक राजनीति से बचने’ का आग्रह किया।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने सरकार से आदेश को तत्काल वापस लेने की माँग करते हुए दावा किया कि ‘सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती है।’ 

सिन्हा ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने दो अगस्त को लॉकडाउन वापस ले लिया क्योंकि इससे एक दिन पहले ईद का त्योहार था। जब बात स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े अवसरों में से एक – पाँच अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन की आई तो तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार ने लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया।”

उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि कोविड-19 के कारण कोई बड़ा उत्सव नहीं होगा, लेकिन बुधवार को पूर्ण लॉकडाउन लागू करने का निर्णय तृणमूल सरकार की सांप्रदायिक मानसिकता को दर्शाता है।”

सिन्हा की बातों का समर्थन करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अगर राज्य सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

दिलीप घोष ने कहा, “पाँच अगस्त स्वतंत्र भारत के ऐतिहासिक दिनों में से एक है और उस दिन पूर्ण लॉकडाउन लागू करना बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं को आहत करने के समान है। अगर राज्य सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो इसका परिणाम भुगतना होगा।”

तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार के फैसले का तुष्टीकरण से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश महामारी से लड़ रहा है और भाजपा सांप्रदायिक राजनीति में लिप्त है। उन्हें ऐसा करने से परहेज करना चाहिए।”

बता दें कि अयोध्या में भूमि पूजन से पहले अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन होने जा रहा है। इसका आयोजन 4 अगस्त की शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 5 अगस्त तक लगभग 24 घंटे तक लगातार चलता रहेगा।

इसका आयोजन ‘रामोत्सव’ नामक ऑनलाइन वेबसाइट कर रहा है। भारत समेत कई देशों के रामभक्त इससे जूम ऐप से जुड़ेंगे और एक-एक घंटे का रामचरितमानस पाठ का वाचन करेंगे। इस कार्यक्रम में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, मॉरीशस, हालैंड, हंगरी, इंग्लैंड आदि देशों के लोग भी पाठ करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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