Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति 'अजित पवार की बगावत बालू पर गधे के मूतने पर हुई गंदगी जैसी हो...

‘अजित पवार की बगावत बालू पर गधे के मूतने पर हुई गंदगी जैसी हो गई है’

कल भी अजित पवार और भाजपा पर हमलावर होते हुए शिव सेना ने सामना में लिखा था कि अजित पवार की यह कथित बगावत बालू पर गधे के मूतने पर हुई गंदगी जैसी हो गई है।

महाराष्ट्र की सत्ता हाथ से जाती देख कर बौखलाई शिव सेना की हताशा उसके मुखपत्र सामना के सम्पादकीय में छलक रही है। पूर्व में साथी रही भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तो सामना के निशाने पर थे ही, अब शिव सेना ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर भी हमले को धार देना शुरू कर दिया है। आज के सम्पादकीय में उन पर शिव सेना ने आरोप लगाया है कि गवर्नर ने यह जानते हुए कि अजित पवार ने कथित तौर पर नकली हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र सौंपा है, राज्यपाल ने उसे स्वीकार कर लिया था।

इसके अलावा गवर्नर और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी की तुलना क्रान्तिकारी भगत सिंह से करते हुए शिव सेना ने सामना में कहा है कि एक भगत सिंह (क्रांतिकारी) देश के लिए फाँसी पर चढ़ गए और दूसरे “भगत सिंह (कोश्यारी) के हस्ताक्षर से रात के अंधेरे में लोकतंत्र और आजादी को वध स्तंभ पर चढ़ा दिया गया।” गौरतलब है कि सामना के प्रमुख सम्पादक शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और कार्यकारी सम्पादक शिव सेना के राजयसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत हैं।

यही नहीं, सामना में अजित पवार पर हमला करने के लिए शरद पवार की तारीफ में भी कसीदे पढ़े गए हैं। उनके कॉन्ग्रेस छोड़ने, नई पार्टी बनाने और संसदीय राजनीति में 50 साल तक टिके रहने की तारीफ करने के अलावा लेख में कहा गया है, “कई गर्मियां-बरसात और तूफान झेलकर वे खड़े रहे। लेकिन भाजपा द्वारा मुकदमा दायर करते ही और ‘ईडी’ के नाम पर ब्लैकमेल करते ही अजीत पवार ने शरद पवार की राजनीतिक इस्टेट में सेंध लगा दी और वहां का माल चुराकर वे भाजपा के खेमे में चले गए।”

इसके पहले कल भी अजित पवार और भाजपा पर हमलावर होते हुए शिव सेना ने सामना में लिखा था कि अजित पवार की यह कथित बगावत बालू पर गधे के मूतने पर हुई गंदगी जैसी हो गई है। महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है उसे ‘नाटक’ कहना रंगमंच का अपमान है। पहले उन्होंने (बीजेपी) शिवसेना जैसा मित्र खो दिया और अब वे शातिर चोर की तरह रात के अंधेरे में अपराध कर रहे हैं।

इसी लेख में अजित पवार की तुलना गधे के अलावा भैंसे से करते हुए कहा गया था, “अजित पवार के रूप में उन्होंने एक भैंसे को अपने बाड़े में लाकर बाँध दिया है और भैंसे से दूध दुहने के लिए ‘ऑपरेशन कमल’ योजना बनाई है। यही लोग सत्ता ही उद्देश्य नहीं है, ऐसा प्रवचन झाड़ते हुए नैतिकता बघार रहे थे। अब तुम्हारे पास बहुमत है ये देखकर ही राज्यपाल ने शपथ दिलाई है, ऐसा तुम कह रहे हो न? तो फिर ‘ऑपरेशन कमल’ जैसी ‘उठाईगिरी’ क्यों? हम उन्हें इस उठाईगिरी और भैंसागिरी के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।”

उसमें यह भी था कि भाजपा के साथ जाकर अजित पवार ने राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस के विधायकों को फँसाया है। भाजपा ने अजित पवार को फँसाया और सबने मिलकर महाराष्ट्र को फँसाया। इस धोखाधड़ी में राजभवन का दुरुपयोग हुआ।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बेड दीजिए, नहीं तो इंजेक्शन देकर उन्हें मार डालिए’: महाराष्ट्र में कोरोना+ पिता को लेकर 3 दिन से भटक रहा बेटा

किशोर 13 अप्रैल की दोपहर से ही अपने कोरोना पॉजिटिव पिता का इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ‘गौमांस’ वाले कॉन्ग्रेसी MLA इरफान अंसारी ने की पूजा, BJP सांसद ने उठाई गिरफ्तारी की माँग

"जिस तरह काबा में गैर मुस्लिम नहीं जा सकते, उसी तरह द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गैर हिंदू का प्रवेश नहीं। इरफान अंसारी ने..."

‘मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन को रोका’ – कॉन्ग्रेस के साथी मौलाना सिद्दीकी का ममता पर आरोप

भाईचारे का राग अलाप रहे मौलाना फुरफुरा शरीफ के वही पीरजादा हैं, जिन्होंने अप्रैल 2020 में वायरस से 50 करोड़ हिंदुओं के मरने की दुआ माँगी थी।

‘जब गैर मजहबी मरते हैं तो खुशी…’ – नाइजीरिया का मंत्री, जिसके अलकायदा-तालिबान समर्थन को लेकर विदेशी मीडिया में बवाल

“यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में... या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”

मजनू का टीला: पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की इस तरह से मदद कर रहा ‘सेवा भारती’, केजरीवाल सरकार ने छोड़ा बेसहारा

धर्मवीर ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उनकी नहीं सुनी, न कोई सुध ली। वो 5-6 साल पहले यहाँ आए थे। इसके बाद नहीं आए। उन्होंने बिजली लगाने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया। RSS ने हमारी मदद की है

मथुरा की अदालत में फिर उठी मस्जिद की सीढ़ियों से भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियाँ निकलवाने की माँग: 10 मई को अगली सुनवाई

मथुरा की अदालत में एक बार फिर से सन् 1670 में ध्वस्त किए गए श्रीकृष्ण मंदिर की मूर्तियों को आगरा फोर्ट की मस्जिद से निकलवाने की माँग की गई है।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

छबड़ा में कर्फ्यू जारी, इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ी: व्यापारियों का ऐलान- दोषियों की गिरफ्तारी तक नहीं खुलेंगी दुकानें

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा में आबिद, फरीद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन भड़की हिंसा में मुस्लिम भीड़ ने 6 दर्जन के करीब दुकानें जला डाली थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,215FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe