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क्या पलटेगी महाराष्ट्र की बाजी? फ्लोर टेस्ट से पहले BJP सांसद से मिले अजित पवार

बीते दिनों अजित पवार भाजपा के साथ चले गए थे। हालॉंकि बाद में डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे वे एनसीपी में लौट गए। उसके बाद से उनके समर्थक उन्हें उद्धव सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

महाराष्‍ट्र की राजनीति लगातार करवट बदल रही है। विधानसभा में उद्धव सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले राष्‍ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री अजित पवार ने मंबई स्थित अपने आवास पर नांदेड़ से बीजेपी सांसद प्रतापराव चिखलीकर ने मुलाकात की है। इस मुलाकात को लेकर प्रदेश के सियासी गलियारों में अटकलबाजियों का दौर एक बार फिर से शुरू हो गया है। बता दें कि प्रतापराव चिखलीकर ने लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेसी दिग्‍गज अशोक चह्वाण को उनके गढ़ में शिकस्त दी थी।

उद्धव सरकार को दोपहर बाद विधानसभा में बहुमत साबित करना है। ऐसे में बीजेपी सांसद और अजित पवार के बीच हुई मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि अजित पवार की नाराजगी बरकरार है या दूर हो गई है। वैसे उद्धव के साथ जिन लोगों ने शपथ ली उनमें अजित पवार का नाम शामिल नहीं था।

हालाँकि अजित पावर ने बीजेपी सांसद से मुलाकात के बाद कहा कि यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि भले ही वो अलग-अलग पार्टियों से हैं लेकिन सभी एक-दूसरे के साथ संबंध रखते हैं। उनका कहना था कि इस मुलाकात के दौरान फ्लोर टेस्ट पर कोई चर्चा नहीं हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संजय राउत ने 170 का जो आँकड़ा (विधायकों की संख्‍या) बताई है, वहाँ तक उनका गठबंधन जरूर पहुँचेगा।

उल्लेखनीय है कि अजित पवार ने पार्टी के खिलाफ बगावत करते हुए भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अजित पवार एनसीपी के सभी 54 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए भाजपा खेमे में शामिल हो गए थे। बाद में 51 पार्टी विधायक शरद पवार के खेमे में चले गए और अजित सिर्फ दो विधायकों के साथ रह गए थे। इसके बाद अजित पवार ने उमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और फिर देवेंद्र फडणवीस ने भी सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया। अजित पवार के एनसीपी में लौट आने के बाद से उनके समर्थक उन्हें शिवसेना-कॉन्ग्रेस-एनसीपी की सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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