Homeदेश-समाजमहुआगेट के बाद संसद पोर्टल का बदला नियम, अब अपने PA को भी OTP-पासवर्ड...

महुआगेट के बाद संसद पोर्टल का बदला नियम, अब अपने PA को भी OTP-पासवर्ड नहीं दे सकते सांसद: तृणमूल MP पर कारोबारी को लॉगिन देने का आरोप

महुआ मोइत्रा ने स्वयं स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी संसद पोर्टल की जानकारियाँ हीरानंदानी के साथ साझा की थी। जाँच में यह सामने आया था कि दुबई से 47 बार उनकी आईडी से लॉगिन किया गया। लोकसभा की आचार समिति ने उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोकसभा पोर्टल का लॉगिन कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से साझा करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस खुलासे के बाद संसद पोर्टल और इसके एप का नियम बदल दिया गया है। अब सांसद अपने निजी सचिव और सहायक के साथ भी ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं कर सकते।

महुआ मोइत्रा पर पोर्टल की आईडी और पासवर्ड दुबई में रहने वाले कारोबारी हीरानंदानी से साझा करने के आरोप हैं। कथित तौर पर उन्होंने हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर लोकसभा में अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछे थे। इसको लेकर उनके विरुद्ध भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी।

महुआ मोइत्रा ने स्वयं स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी संसद पोर्टल की जानकारियाँ हीरानंदानी के साथ साझा की थी। जाँच में यह सामने आया था कि दुबई से 47 बार उनकी आईडी से लॉगिन किया गया। लोकसभा की आचार समिति ने उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

इस प्रकरण के बाद लोकसभा सचिवालय ने पोर्टल पर सांसदों के लॉगिन आईडी को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट बताती है कि सचिवालय ने सांसदों के सचिवों (PA) से संसद पोर्टल का एक्सेस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि कई सांसद सांसद तकनीकी रूप से बेहद सक्षम नहीं हैं। लिहाजा लॉगिन को लेकर वे अपने सहायकों पर आश्रित रहते हैं। यही कारण है कि अब तक पोर्टल और एप लॉगिन तक उनकी पहुँच थी। लेकिन ताजा बदलावों के बाद अब सांसद के अलावा कोई भी लॉगिन में सक्षम नहीं होगा। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है।

गौरतलब है कि लोकसभा का यह पोर्टल सांसदों के प्रश्न पूछने, नोटिस जमा करने, ईमेल करने और यात्रा सम्बन्धी खर्चों को जमा करने में सहूलियत प्रदान करता है। लेकिन महुआ मोइत्रा पर निजी जानकारी साझा करने का आरोप लगने की वजह से इससे जुड़े नियम सख्त कर दिए गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘The Wire’ ने दिखाई भारतीय सेना के लिए घृणा, अली अहमद ने ‘हिंदी और हिंदुत्व’ के बहाने फैलाया हिंदू विरोधी एजेंडा: आर्मी के ‘हिंदूकरण’...

'The Wire' में अली अहमद का असली मकसद सेना को बदनाम करना है। क्योंकि सेना इनके मनमुताबिक बनी नकली धर्मनिरपेक्षता की बातों को नहीं मानती हैं।

आर्टिकल 370 हटने के समय संभाली J&K में कमान, आतंकी नेटवर्क की तोड़ी कमर: जानिए कौन हैं वो ‘डॉक्टर’ महेश दीक्षित, जिन्हें मोदी सरकार...

महेश दीक्षित पहले पेशे से डॉक्टर थे, देशसेवा के लिए वो पुलिस सर्विस में आए और अब उन्हें उनका अनुभव व योगदान देखते हुए आईबी का प्रमुख चुना गया है।
- विज्ञापन -