Homeराजनीति'6 साल से केजरीवाल सरकार, और तब से ही डॉक्टर्स की सैलरी पर संकट':...

‘6 साल से केजरीवाल सरकार, और तब से ही डॉक्टर्स की सैलरी पर संकट’: रोक रखा है ₹10600 करोड़

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जयप्रकाश ने कहा, "दिल्ली में 6 साल से अरविंद केजरीवाल सरकार है और पिछले 6 सालों से ही ये संकट है। दिल्ली सरकार ज़िम्मेदार रवैया अपनाते हुए हमारे इस साल के जो 1600 करोड़ रुपए और पिछले साल के 9,000 करोड़ रुपए रोक रखे हैं, उसे जारी करे और दिल्ली की जनता के साथ खिलवाड़ न करे।"

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले डॉक्टर्स पिछले चार महीनों से वेतन का भुगतान नहीं करने पर आंदोलन कर रहे हैं। इस पर दिल्ली के हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों ने कल, 16 अक्टूबर को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश का कहना है कि दिल्ली में 6 साल से अरविंद केजरीवाल सरकार है और पिछले 6 सालों से ही ये संकट है।

ज्ञात हो कि अभी तक मेडिकल स्टाफ सिर्फ अस्पताल परिसर में ही विरोध-प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन अब उन्होंने सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। हिन्दू राव अस्पताल के साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित कस्तूरबा अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी वेतन न मिलने के कारण बुधवार (अक्टूबर 14, 2020) से एक सप्ताह की हड़ताल पर जाने का फैसला किया और वेतन न मिलने पर इस्तीफा देने की धमकी भी दी है।

डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की इस समस्या पर बृहस्पतिवार (अक्टूबर 15, 2020) को उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने कहा है कि उन्होंने कल ही हिंदू राव और कस्तूरबा गाँधी समेत करीब 6 अस्पतालों के कर्मचारियों की 1 महीने की सैलरी जारी कर दी है और बकाया सैलरी भी जल्द से जल्द दे दी जाएगी।

समाचार एजेंसी एनआई के मुताबिक, हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों की हड़ताल पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा, “डॉक्टरों की तीन महीने की सैलरी बकाया थी, उसमें से एक महीने का वेतन मैंने कल रात को जारी करा दिया। सिर्फ दो महीने का वेतन बकाया है, जैसे महीना पूरा होगा एक महीने का वेतन हम और जारी कर देंगे।”

जयप्रकाश ने इसके पीछे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को दोषी ठहराते हुए कहा, “दिल्ली में 6 साल से अरविंद केजरीवाल सरकार है और पिछले 6 सालों से ही ये संकट है। दिल्ली सरकार ज़िम्मेदार रवैया अपनाते हुए हमारे इस साल के जो 1600 करोड़ रुपए और पिछले साल के 9,000 करोड़ रुपए रोक रखे हैं, उसे जारी करे और दिल्ली की जनता के साथ खिलवाड़ न करे।”

उन्होंने कहा कि नगर निगम की कमाई के 2 ही साधन हैं, पहला- राजस्व, संपत्ति कर, विज्ञापन, कार पार्किंग, लाइसेंस, नक्शे पास करने की फीस, चालान और जुर्माने इकट्ठा होने वाला पैसा और दूसरा साधन वो पैसा, जो ग्रांट के तौर पर दिल्ली सरकार से मिलता है। जयप्रकाश का कहना है कि पिछले 4-5 महीने से दिल्ली सरकार ने एक भी रुपया नहीं दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।
- विज्ञापन -