बंगाल में सड़क पर सैंकड़ों लोगों ने पढ़ी हनुमान चालीसा: कहा – ‘वो भी तो सड़कों पर नमाज़ पढ़ते हैं’

"पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की तरह 'एनकाउंटर मॉडल' अपनाने की ज़रूरत है। अगर अपराधी बांग्लादेश भागते हैं तो उनका एनकाउंटर कर दिया जाना चाहिए।"

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस और भाजपा के बीच की रस्साकशी में नए-नए मोड़ आ रहे हैं। अब भाजपा ने सड़क पर नमाज़ पढ़ने के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज़ कर दिया है। मंगलवार (जून 26, 2019) को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर हनुमान चालीसा पढ़ कर अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या से आक्रोशित लोगों ने बीच सड़क पर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा का पाठ किया। यह घटना हावड़ा के बाली खाल की है। हावड़ा भाजयुमो के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश और प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा के नेता ओपी शर्मा ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में हमनें ग्रैंड ट्रंक रोड व अन्य महत्वपूर्ण सड़कों को नमाज़ के लिए बंद किए जाते देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर शुक्रवार को सिर्फ़ नमाज़ के कारण बंगाल की इन महत्वपूर्ण सड़कों पर आवागमन रोक दिया जाता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुँचने में देरी होती है और लोग समय पर ऑफिस भी नहीं पहुँच पाते। शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि अब हर मंगलवार इसी तरह सड़क पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा।

ओपी शर्मा ने पूछा कि अगर एक मज़हब के लोग शुक्रवार को सड़कों पर बैठ कर नमाज़ पढ़ सकते हैं तो दूसरे धर्म के लोग मंगलवार को सड़कों पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं कर सकते? उन्होंने कहा कि अब ये कार्यक्रम हावड़ा में विभिन्न जगहों पर हर मंगलवार होगा। बता दें कि मुस्लिमों के तुष्टिकरण के मुद्दे पर भाजपा ने ममता को हमेशा से निशाने पर रखा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को बसा कर एक ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ का निर्माण करना चाहती हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

वहीं तृणमूल ने आरोप लगाया कि भाजपा अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए एनआरसी बिल लेकर आई है। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि ममता बंगाल और बांग्लादेश को मिला कर एक ‘पश्चिम बांग्लादेश’ बनाना चाहती हैं। उन्होंने ममता पर बंगाल को भारत से अलग करने की साज़िश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘जय श्री राम’ में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि वो भगवान राम ही थे, जिन्होंने न्याय और क़ानून व्यवस्था का पाठ पढ़ाया, जिसकी आज राज्य में ज़रूरत भी है। घोष ने ‘जय बांग्ला’ को बांग्लादेश से आयातित नारा बताया।

उधर दूसरी तरफ़ एक अन्य भाजपा नेता सायंतन बसु ने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की तरह ‘एनकाउंटर मॉडल’ अपनाने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अगर अपराधी बांग्लादेश भागते हैं तो उनका एनकाउंटर कर दिया जाना चाहिए। इसके जवाब में तृणमूल ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश क़ानून व्यवस्था के मामले में ख़ुद बदहाल स्थिति में है तो वहाँ का मॉडल किसी अन्य राज्य में क्यों अपनाया जाए? पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिल कर बंगाल की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

अमानतुल्लाह ख़ान, जामिया इस्लामिया
प्रदर्शन के दौरान जहाँ हिंसक घटना हुई, वहाँ AAP विधायक अमानतुल्लाह ख़ान भी मौजूद थे। एक तरफ केजरीवाल ऐसी घटना को अस्वीकार्य बता रहे हैं, दूसरी तरफ उनके MLA पर हिंसक भीड़ की अगुवाई करने के आरोप लग रहे हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

118,970फैंसलाइक करें
26,848फॉलोवर्सफॉलो करें
128,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: