Tuesday, May 21, 2024
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बिहार चुनाव: नामांकन दाखिल न कर पाने पर पुष्पम प्रिया के प्लूरल्स पार्टी के उम्मीदवार ने मचाया हंगामा, पुलिस से की हाथापाई

अन्नू कुमार सिंह हाजीपुर स्थित राघोपुर से प्लूरल्स पार्टी के उम्मीदवार हैं। नामांकन के अंतिम दिन वह पर्चा दाखिल करने पहुँचे थे लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे। नामांकन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने मौके पर ही विरोध करना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर में विवाद अच्छे भले बवाल में तब्दील हो गया।

3 चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में प्रतिदिन कुछ नया घट रहा है। इसी बीच आज दूसरे चरण के नामांकन का अंतिम दिन था, लिहाज़ा पर्चा दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या काफी ज़्यादा थी। कई उम्मीदवार तो नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ही नहीं पाए और ऐसे सभी उम्मीदवार काफी गुस्से में नज़र आए। सबसे ज़्यादा उठा पटक नज़र आई बिहार के हाजीपुर में जहाँ पुलिस ने प्लूरल्स पार्टी के प्रत्याशी के साथ धक्का मुक्की के बाद जम कर पिटाई कर दी।

अन्नू कुमार सिंह हाजीपुर स्थित राघोपुर से प्लूरल्स पार्टी के उम्मीदवार हैं। आज तक में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार नामांकन के अंतिम दिन वह पर्चा दाखिल करने पहुँचे थे लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे। नामांकन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने मौके पर ही विरोध करना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर में विवाद अच्छे भले बवाल में तब्दील हो गया। उन्होंने पुलिस से हाथापाई की फिर कोई विकल्प नहीं बचने की सूरत में पुलिस ने उनकी जम कर पिटाई कर दी। 

दरअसल, बिहार चुनाव में अपनी कार्यप्रणाली और शैली को लेकर चर्चा में बनी रहने वाली पुष्पम प्रिया के राजनीतिक दल प्लूरल्स के उम्मीदवार अन्नू कुमार सिंह नामांकन नहीं कर पाए। इस बात से नाराज़ होकर वह मौके पर धरना देने के लिए बैठ गए, वह इतने पर ही रुके नहीं बल्कि शोर मचा कर नारे भी लगाने लगे। उनका कहना था कि वह समय से ही नामांकन दाखिल करने मुख्यालय पहुँचे थे फिर भी उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं से पूरे घटनाक्रम पर विवाद शुरू हुआ। 

पुलिस ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा। पुलिस का कहना है कि प्लूरल्स पार्टी के प्रत्याशी ने बिना किसी ठोस वजह के ही बवाल शुरू कर दिया। बात करने का प्रयास किया गया लेकिन तब उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी, नतीजतन पुलिस को कठोर होना पड़ा। इसके बाद पुलिस अन्नू सिंह को अपने साथ पकड़ कर ले गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान घटनास्थल पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग भी करना पड़ा था। इस दौरान वहाँ आम लोग और दूसरे राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी मौजूद थे।       

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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