‘पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु’, करतारपुर के कण-कण में गुरू नानक देव की स्मृति: PM मोदी

“करतारपुर से मिली गुरुवाणी की ऊर्जा, सिर्फ हमारे सिख भाई-बहनों को ही नहीं बल्कि हर भारतवासी को अपना आशीर्वाद देगी।”

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर शनिवार (नवंबर 9, 2019) से करतारपुर कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्धघाटन किया और 500 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि करतारपुर बॉर्डर का खुलना भारतीयों के लिए दोहरी खुशी की बात है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (नवंबर 9, 2019) को पंजाब के सुल्तानपुर लोधी पहुँचे। यहाँ उन्होंने बेर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका। इसके बाद सिखों के पाकिस्तान स्थित तीर्थ स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब और भारत स्थित डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ने वाले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी-अपनी सीमाओं में इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने उद्घाटन से पहले देश को संबोधित किया। उन्होंने सिख भाई-बहनों को बधाई देते हुए कहा कि देश को करतारपुर कॉरिडोर सौंपना सौभाग्य की बात है। उन्होंने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और पाक के मजदूरों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा करतारपुर के कण-कण में गुरू नानक की स्मृति है। गुरू नानक देव मानवता के लिए मिसाल हैं। पीएम मोदी ने कहा, “करतारपुर में ही उन्होंने प्रकृति के गुणों का गायन किया था। उन्होंने कहा था- “पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु”!!! यानि हवा को गुरु मानो, पानी को पिता और धरती को माता के बराबर महत्व दो।”

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पीएम मोदी ने कहा कि गुरुनानक देवजी ने सीख दी है कि सच्चाई और ईमानदारी से किए गए विकास से हमेशा तरक्की और समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। गुरुनानक देवजी ने सीख दी है कि धन तो आता-जाता रहेगा पर सच्चे मूल्य हमेशा रहते हैं। उन्होंने कहा, “करतारपुर से मिली गुरुवाणी की ऊर्जा, सिर्फ हमारे सिख भाई-बहनों को ही नहीं बल्कि हर भारतवासी को अपना आशीर्वाद देगी।” उन्होंने कहा कि करतारपुर केवल गुरुनानक देवजी की कर्मभूमि नहीं है, बल्कि करतापुर के कण-कण में गुरुनानक देवजी के पसीने की महक मिली हुई है। उसकी वायु में उनकी वाणी घुली हुई है।

बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यात्री टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। जिसे एकीकृत जाँच चौकी (आईसीपी) भी कहा जाएगा। तीर्थयात्री 4.5 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित कॉरिडोर से जाने के लिए यहीं से मंजूरी प्राप्त करेंगे। आईसीपी की जाँच चौकी के उद्घाटन से भारतीय तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब जाने में सुविधा होगी।

उल्लेखनीय है कि भारत ने 24 अक्तूबर को डेरा बाबा नानक में अंतरराष्ट्रीय सीमा के ‘जीरो प्वाइंट’ पर गलियारे के परिचालन के तौर-तरीकों पर 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ करार किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए करार के मुताबिक रोजाना करीब पाँच हजार श्रद्धालु गलियारे से होकर इस गुरुद्वारे तक मत्था टेकने जाएँगे। इस करार को लेकर सिख श्रद्धालु बेहद उत्साहित हैं।

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