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पहले दिन से ही उनका मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिला: प्रणब मुखर्जी को पीएम मोदी ने दी भावुक विदाई

"भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से भारत दुखी है। हमारे देश की विकास यात्रा में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी है। वह उत्कृष्ट कोटि के विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन थे, जिन्हें हर राजनीतिक तबके और समाज के सभी तबकों से तारीफ मिलती थी।"

पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न से विभूषित प्रणब मुखर्जी का सोमवार को 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे पिछले कुछ हफ़्तों से दिल्ली में सेना के आरआर अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की विकास यात्रा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। पीएम मोदी ने ट्विटर पर अपनी और दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ी कुछ यादें शेयर की हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रणब मुखर्जी के साथ अपनी कुछ तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है। इन्हीं में से एक तस्वीर में वे प्रणब मुखर्जी का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हुए दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से भारत दुखी है। हमारे देश की विकास यात्रा में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी है। वह उत्कृष्ट कोटि के विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन थे, जिन्हें हर राजनीतिक तबके और समाज के सभी तबकों से तारीफ मिलती थी।”

पीएम मोदी ने एक और ट्वीट में लिखा है कि राष्ट्रपति रहते हुए प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को आम लोगों के लिए और ज्यादा पहुँच वाला बनाया। एक अन्य ट्वीट में मोदी ने 2014 में खुद को प्रणब मुखर्जी से मिले मार्गदर्शन और सहयोग को याद किया है। उन्होंने लिखा कि 2014 में दिल्ली में वह नए थे, लेकिन पहले दिन से ही उन्हें प्रणब मुखर्जी का मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिला।

पीएम मोदी ने लिखा, “2014 में दिल्ली में मैं नया-नया था। पहले ही दिन से मुझे श्री प्रणब मुखर्जी का मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिला। मैं हमेशा उनके साथ बिताए पलों को याद रखूँगा। उनके परिवार, मित्रों, प्रशंसकों और पूरे भारत में उनके समर्थकों के प्रति संवेदना। ॐ शांति।”

गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी दिमाग में खून के एक थक्के के ऑपरेशन के लिए अस्पताल गए थे, जहाँ वो जाँच के दौरान कोरोना पॉज़िटिव भी पाए गए थे। बीते 10 अगस्त को उन्होंने खुद ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी थी। अस्पताल में ही सर्जरी के दौरान वो कोमा में चले गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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