Homeराजनीति'मैं आपकी मदद करूँगा, वे बोलेंगे आपके जैकेट में नाक पोंछ दी': राहुल गाँधी...

‘मैं आपकी मदद करूँगा, वे बोलेंगे आपके जैकेट में नाक पोंछ दी’: राहुल गाँधी ने किया क्लियर, खड़गे के कपड़े में नहीं पोछी थी नकटी; देखिए Video

राहुल गाँधी मल्लिकार्जुन खड़गे से कहते हैं, "अगर मैंने आपको पकड़ा तो सब कहेंगे कि मैं नाक पोंछ रहा हूँ। क्या बेवकूफी है। आपने देखा क्या? मैं तो आपकी वहाँ मदद कर रहा था। पर लोगों ने कहा कि मैं आप पर अपनी नाक पोंछ रहा था।"

बीते दिनों राहुल गाँधी की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पीठ पर उंगली फेरने की स्लो मो वीडियो आने के बाद सोशल मीडिया पर कई कयास लगे थे। अब राहुल गाँधी ने उसी वीडियो को लेकर मल्लिकार्जुन के सामने अपनी सफाई दी है। उन्होंने खड़गे को सीढ़ियों से उतरने में सहायता करने के बाद कहा कि अगर वो मदद भी करते हैं तो लोग कहते हैं कि नाक पोंछ दी।

ताजा वीडियो में देख सकते हैं कि सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद परिसर के दरवाजे से बाहर निकल रहे हैं। इस दौरान राहुल कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को पहले पकड़कर सीढ़ियों से उतारते हैं और फिर कहते हैं, “अगर मैंने आपको पकड़ा तो सब कहेंगे कि मैं नाक पोंछ रहा हूँ। क्या विशुद्ध बकवास है। आपने देखा क्या? मैं तो आपकी वहाँ मदद कर रहा था। पर लोगों ने कहा कि मैं आप पर अपनी नाक पोंछ रहा था।”

बता दें कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आई थी। इस वीडियो को पीछे से रिकॉर्ड किया गया था। इसमें दिख रहा था कि राहुल गाँधी मल्लिकार्जुन खड़गे के पीछे चल रहे हैं और फिर अचानक वो अपना हाथ नाक के पास ले जाते हैं, बाद में उसे दोबारा उंगली को खड़गे की जैकेट में पोंछ देते हैं।

इस वीडियो को देखने के बाद लोगों ने राहुल गाँधी को लेकर कई सवाल किए थे। जगह-जगह यही दावा किया गया था कि उन्होंने नाक ही पोंछी। लोगों ने इस हरकत को घिनौना बताते हुए कहा कि ये कितना अजीब है क्या सोनिया गाँधी ने राहुल को इतनी तमीज नहीं सिखाई कि किसी की जैकेट पर नाक पोंछना गंदी आदत हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -