Monday, June 17, 2024
Homeराजनीतिशिवसेना सांसद ने दिया इस्तीफा, कहा - 'अपने कार्यकर्ताओं के साथ नहीं कर पा...

शिवसेना सांसद ने दिया इस्तीफा, कहा – ‘अपने कार्यकर्ताओं के साथ नहीं कर पा रहा न्याय, NCP है मूल वजह’

"जिंतुर नगरपालिका में NCP के एक व्यक्ति को गैर सरकारी प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह शिवसेना के कार्यकर्ताओं के साथ अपमान जैसा है और यह अस्वीकार्य है।"

महाराष्ट्र के सत्ताधारी दल शिवसेना में खींचतान का दौर जारी है। वही खींचतान अब सतह पर नज़र आ रही है। परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। इसका कारण जिंतुर नगरपालिका में एनसीपी का दखल बताया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी लिखा है। जिसमें उनका कहना है कि वह अपने दल के कार्यकर्ताओं से न्याय करने में असमर्थ हैं।   

संजय जाधव ने अपने पत्र में यह लिखा कि वह अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। इस आधार पर उन्हें सांसद बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह भी लिखा कि पिछले 8-10 महीनों से परभणी में जिंतुर नगरपालिका में प्रशासक नियुक्ति का मामला वह देख रहे हैं। वहाँ फिलहाल एनसीपी के एक व्यक्ति को गैर सरकारी प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह शिवसेना के कार्यकर्ताओं के साथ अपमान जैसा है और यह अस्वीकार्य है।  

संजय जाधव ने अपने इस्तीफ़े का पत्र 25 अगस्त को लिखा था। हालांकि संजय जाधव ने यह भी कहा कि भले पार्टी कार्यकर्ताओं को इंसाफ न मिले। लेकिन वो बतौर शिवसैनिक पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। वहीं शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे के मुताबिक़ यह मामला हल हो गया था। उन्होंने कहा था, “अगर सरकार में या पार्टी के भीतर किसी भी तरह के विवाद हैं तो शीर्ष नेतृत्व हल करेगा।”

बीते कुछ समय में शिवसेना और एनसीपी कार्यकर्ताओं के बीच महाराष्ट्र के कई शहरों में पदों के संबंध में विवाद की ख़बरें सामने आई हैं। दोनों ही दलों के कई नेता इस मुद्दे पर अपनी असहमति जता चुके हैं। लेकिन दलों के शीर्ष नेता अक्सर यही कहते हुए नज़र आते हैं कि गठबंधन में सब कुछ सही है। दोनों दलों के नेताओं के बीच किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है। लेकिन सांसद संजय जाधव का इस्तीफ़ा होने के बाद सतह पर ऐसा नहीं नज़र आता है।      

अभी से लगभग साल भर पहले जब विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे ने भाजपा का साथ छोड़ कर एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ मिल कर महाराष्ट्र में सरकार बनाई थी, तभी से तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इसके पहले तक दोनों दल एक दूसरे के वैचारिक स्तर पर विरोधी रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक दृष्टिकोण से अंतिम नतीजे क्या होते हैं, इस पर कुछ भी कहना कठिन!     

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रोज सुरंग से भारत में घुसते हैं 10 रोहिंग्या मुस्लिम, भाषा-हुलिया बदलने की ट्रेनिंग दे 14 राज्यों में बसाए जा रहे: रिपोर्ट में बताया-...

जलील मियाँ का साथी (गिरोह का मुखिया) पहले ही NIA की शिकंजे में आ चुका था। वहीं इनके अन्य साथी जज मियाँ और शंतो अब तक फरार हैं। NIA इस गिरोह के 29 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।

सिग्नल पर नहीं रुकी मालगाड़ी, एक-दूसरे पर चढ़ गई ट्रेनें: कंचनजंगा एक्सप्रेस की बोगियों के उड़े परखच्चे, मृतकों में लोको पायलट और गार्ड भी

पश्चिम बंगाल के न्यूजलपाईगुड़ी में भीषण रेल हादसा हुआ है। यहाँ रंगपानी स्टेशन पर कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में एक मालगाड़ी पीछे से टकरा गई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -