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तिलक, कुमकुम, बिंदी और सिंदूर लगाने वालों को रोकने पर होगी कार्रवाई: बोले कर्नाटक के शिक्षा मंत्री – ये आभूषण, हिजाब मजहबी प्रतीक

पत्रकारों से बातचीकत में कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश (BC Nagesh) ने कुमकुम, सिंदूर और बिंदी को हिंदुओं की सांस्कृतिक पहचान करार दिया और बताया कि इन चीजों का इस्तेमाल आभूषण के तौर पर किया जाता है।

कर्नाटक (Karanataka) में जारी हिजाब (Hijab) विवाद के बीच विजयपुर जिले में एक कॉलेज में हिंदू छात्रों के तिलक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर लगाकर कॉलेज आने पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने शिक्षण संस्थानों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकारों से बातचीकत में कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश (BC Nagesh) ने कुमकुम, सिंदूर और बिंदी को हिंदुओं की सांस्कृतिक पहचान करार दिया और बताया कि इन चीजों का इस्तेमाल आभूषण के तौर पर किया जाता है। ऐसे में इसकी तुलना हिजाब से नहीं की जा सकती है। उन्होंने ये भी कुमकुम, सिंदूर लगाने वालों को रोकने पर स्कूल के अधिकारियों को एक्शन के लिए तैयार रहने को कहा है।

हिजाब विवाद के बीच मंत्री नागेश ने चूड़ी, कुमकुम औऱ बिंदी को गहना बताया और कहा कि स्कूलों में इन गहनों पहनने के खिलाफ किसी भी तरह का नियम नहीं है, इस छात्राएँ अपनी मर्जी के आधार पर पहनती हैं। जबकि हिजाब एक धार्मिक प्रतीक है। इसलिए स्कूल छात्रों को कुमकुम, बिंदी या चूड़ियाँ हटाने के लिए मजबूर न करें।

विजयपुर की घटना के बाद भड़के मंत्री

गौरतलब है कि हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक के विजयपुर जिले के इंडी में पीयूसी कॉलेज के अधिकारियों ने एक हिंदू छात्र को महज इसलिए कॉलेज के अंदर जाने देने से रोक दिया, क्योंकि उसने अपने माथे पर कुमकुम का टीका लगाया हुआ था। इसको लेकर छात्र और कॉलेज प्रशासन के बीच जमकर बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसको लेकर नागरिकों ने आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कॉलेज प्रशासन तिलक लगाकर कॉलेज पहुँचे छात्र को तिलक हटाकर कॉलेज के अंदर जाने के लिए कहते हैं। हालाँकि, वो इससे इनकार कर देता है तो वे उसे घर जाने के लिए कहते हैं।

इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कॉलेज और शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी की। इसको लेकर श्री राम सेना के संस्थापक, हिंदू कार्यकर्ता प्रमोद मुतालिक ने कहा, “सिंदूर एक धार्मिक प्रतीक नहीं है। यह देश की संस्कृति का हिस्सा है। शिक्षा विभाग के सर्कुलर के अनुसार इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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