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आप जिन्दा रहिए, वरना जेल कैसे जाइएगा: सुब्रमण्यम स्वामी ने किया गाँधी परिवार पर हमला

मोदी सरकार कॉन्ग्रेस के 'प्रथम परिवार' से राजनीतिक रूप से डरकर उनकी जान खतरे में डाल रही है? स्वामी ने जवाब दिया कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है, क्योंकि सरकार तो चाहती है कि वे अपने भ्रष्टाचार के लिए सजा पाने जेल जाएँ।

भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा सांसद और मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने एसपीजी बिल पर बहस के दौरान कल (मंगलवार, 3 दिसंबर, 2019 को) कॉन्ग्रेस के ‘प्रथम परिवार’ यानि गाँधी-नेहरू परिवार पर हमला बोला। एसपीजी बिल पर राज्य सभा में चर्चा के दौरान उन्होंने गाँधी परिवार पर चल रहे भ्रष्टाचार के विंभिन्न मामलों पर तंज़ कसते हुए कहा कि भाजपा बिलकुल नहीं चाहती कि गाँधी परिवार को कोई शारीरिक हानि पहुँचे, क्योंकि उन लोगों को तो अभी जेल भी जाना है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गाँधी और वायनाड के सांसद व पार्टी के भूतपूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी जहाँ नेशनल हेराल्ड मामले में भ्रष्टाचार के मुकदमों में जमानत पर हैं, वहीं परिवार के दामाद तथा सोनिया गाँधी के बेटी प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा कई ज़मीन घोटालों के आरोपी हैं। यही नहीं, डॉ, स्वामी के आरोपों को अगर सही मान लें तो अगस्ता-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में भी सोनिया गाँधी के करीबी लोग शामिल थे।

इसके अलावा डॉ. स्वामी ने कॉन्ग्रेस के अन्य तर्कों की भी धज्जियाँ उड़ा कर रख दीं। उन्होंने कॉन्ग्रेस की सदन में पैरवी कर रहे सुप्रीम कोर्ट वकील केटीएस तुलसी के उस आरोप का भी जवाब दिया जिसमें तुलसी ने इंदिरा गाँधी-राजीव गाँधी की हत्या के लिए मुहैया कराई गई सुरक्षा में कमी को ज़िम्मेदार ठहराया था।

इंदिरा गाँधी के मामले में स्वामी ने दावा किया कि इंदिरा गाँधी ने अपनी राजनीतिक छवि के चक्कर में अपने सुरक्षा कर्मियों के आतंकी गुटों से मिल जाने की रिपोर्ट के बाद भी सुरक्षा कर्मी नहीं बदले- और बाद में उन्हीं सुरक्षा कर्मियों ने इंदिरा की हत्या कर दी। राजीव गाँधी की हत्या के बाद उस हत्याकांड की जाँच करने वाले कमीशन की रिपोर्ट के हवाले से डॉ. स्वामी ने कहा कि राजीव की हत्या के वाकये में कॉन्ग्रेसियों ने मौजूद सुरक्षा व्यवस्था का खुद मज़ाक बनाते हुए न ही पुलिस को ठीक से राजीव के इर्द-गिर्द सुरक्षा घेरा बनाने दिया (इससे आम लोग भी राजीव तक न पहुँच पाते, और जननेता की छवि बनाने के प्रोजेक्ट को धक्का लगता), न ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ अनन्य सहयोग किए। यहाँ तक कि इस हत्याकाण्ड के बाद सरकारी सुरक्षा प्राप्त नेताओं वाली पार्टियों के व्यवहार को लेकर जाँच आयोग ने कुछ सुझाव भी दिए थे, जिसे नरसिम्हा राव की कॉन्ग्रेस सरकार ने स्वीकार किया।

स्वामी ने इन सबके बाद इस आरोप का भी जवाब दिया कि मोदी सरकार कॉन्ग्रेस के ‘प्रथम परिवार’ से राजनीतिक रूप से डरकर उनकी जान खतरे में डाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है, क्योंकि सरकार तो चाहती है कि वे अपने भ्रष्टाचार के लिए सजा पाने जेल जाएँ।

स्वामी की इस चुटकी को सोशल मीडिया पर बहुत तालियाँ मिल रहीं हैं। एक यूज़र ने लिखा कि मोदी-शाह के खिलाफ खड़े होते रहने के बावजूद इसीलिए भाजपा में स्वामी को इतनी छूट मिली हुई है, क्योंकि भाजपा में इस प्रकार के अप्रिय सत्य जस-के-तस बोलने वाला कोई दूसरा नहीं है।

एक अन्य ने डॉ. स्वामी के इस हमले को ‘विस्फ़ोटक’ करार दिया।

डॉ. स्वामी का वह पूरा भाषण सुनें यहाँ:

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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