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तजिंदर बग्गा और नव-कॉन्ग्रेसी उदित राज में ट्विटर पर तीखी झड़प, याद दिलाए पुराने दिन

गरियाने में राहुल गाँधी के प्रति स्वामिभक्ति दिखाने के साथ-साथ उदित राज ने खुद को भी अवसरवादी नहीं बल्कि बलिदानी और कमजोरों का मसीहा दिखाने की कोशिश की। पर उद्यमी और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने उनकी कोशिश पर तीखा तंज कस दिया।

कहते हैं समुदाय विशेष में नए-नए पहुँचे लोग अपनी निष्ठा साबित करने के लिए प्याज का अत्यधिक ही सेवन करने लगते हैं। कुछ ऐसा ही मंजर आज ट्विटर पर देखने को मिला जब दलितों के स्वघोषित सर्वश्रेष्ठ नेता डॉ. उदित राज ने भाजपा को बुरा भला कहना शुरू कर दिया। उदित राज अभी-अभी भाजपा छोड़कर (घोषित रूप से, टिकट न मिलने की नाराजगी के कारण) कॉन्ग्रेस में शामिल हुए हैं, और इसलिए जाहिर तौर पर उनके लिए जरूरी था कि वे कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के प्रति ‘स्वामिभक्ति’ साबित करें- जो कि कॉन्ग्रेस के सुप्रीमो कल्चर का हिस्सा है।

मोदी और भाजपा को, जिनके साथ वह खाली एक हफ्ते पहले तक इस हद तक खड़े थे कि नाम में भी चौकीदार लगा लिया था, गरियाने में राहुल गाँधी के प्रति स्वामिभक्ति दिखाने के साथ-साथ उदित राज ने खुद को भी अवसरवादी नहीं बल्कि बलिदानी और कमजोरों का मसीहा दिखाने की कोशिश की। पर उद्यमी और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने उनकी कोशिश पर तीखा तंज कस दिया।

तिलमिलाए उदित राज ने उन्हें छोटा मुँह बड़ी बात कहने वाला कहने के साथ यह जताने की भी कोशिश की कि जब भाजपा में बग्गा की कोई सुनवाई नहीं थी, तब उदित राज ने उन्हें ‘सहारा’ दिया था। यानि फिर से खुद को बग्गा की ‘गद्दारी’ का पीड़ित दिखाने की कोशिश। (जोकि अपने आप में हास्यास्पद है, यह देखते हुए कि खुद उदित राज ने एक टिकट कटते ही भाजपा को गच्चा दे दिया)

बग्गा भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी उदित राज को कुछ पुराने दिन याद दिला दिए…

सोशल मीडिया ने लेने शुरू किए मजे

इस बीच सोशल मीडिया यूजर्स ने भी डॉ. उदित राज के मजे लेने शुरू कर दिए।

एक ने लिखा:

इसी बीच किसी ने उनके ही पुराने tweet उठा कर स्क्रीनशॉट चिपकाने शुरू कर दिए, जिनमें उदित राज ने कॉन्ग्रेस की घनघोर आलोचना की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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