Sunday, May 19, 2024
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‘रामभक्तों की विधवाओं के मंगलसूत्र का क्या’ : CM योगी का डिंपल यादव पर करारा पलटवार, पुलवामा बलिदानियों की पत्नियों को बना रही थीं ढाल

डिंपल यादव ने पुलवामा आतंकी हमले की शहीदों की विधवाओं के मंगलसूत्र को लेकर पीएम मोदी से प्रश्न पूछे थे। मंगलसूत्र का यह मामला पीएम मोदी द्वारा रैली में एक भाषण के बाद चालू हुआ था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की मैनपुरी प्रत्याशी डिंपल यादव के मंगलसूत्र वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने डिंपल यादव से रामभक्तों की विधवाओं के मंगलसूत्र के विषय में प्रश्न पूछा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद के आरोप लगाए।

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के इटावा में समाजवादी पार्टी की नेता पर यह हमले बोले। मैनपुरी लोकसभा के अंतर्गत आने वाली जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस सीट से भाजपा ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह को प्रत्याशी बनाया है, वह सपा के इस गढ़ पर अक्शिलेश यादव की पत्नी डिंपल को चुनौती दे रहे हैं।

सीएम योगी ने डिंपल यादव के बयान पर कहा, “समाजवादी पार्टी की एक नेत्री द्वारा कहा जा रहा है कि मोदीजी पुलवामा के शहीदों के मंगलसूत्र का क्या, बहनों और भाइयों से हम समाजवादी पार्टी से पूछना चाहते हैं कि जिन रामभक्तों का लहू समाजवादी पार्टी की सरकार ने अयोध्या में बहाया था उनके परिवार की शहीदों की विधवाओं का क्या और उनके मंगलसूत्र का क्या।” सीएम योगी डिंपल के एक बयान का जवाब दे रहे थे।

डिंपल यादव ने पुलवामा आतंकी हमले की शहीदों की विधवाओं के मंगलसूत्र को लेकर पीएम मोदी से प्रश्न पूछे थे। मंगलसूत्र का यह मामला पीएम मोदी द्वारा रैली में एक भाषण के बाद चालू हुआ था। पीएम मोदी ने राजस्थान में एक रैली में कहा था कि कॉन्ग्रेस महिलाओं का मंगलसूत्र छीन कर उनमें बाँटना चाहती है जिनके अधिक बच्चे हैं, जो घुसपैठिये हैं।

गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव की सरकार ने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने आदेश दिया था जिसमें कई कारसेवक मारे गए थे। सीएम योगी इसी को लेकर हमला बोल रहे थे। सीएम योगी ने भी इटावा में कॉन्ग्रेस के सम्पत्ति दोबारा बाँटने पर हमला बोला, उन्होंने कॉन्ग्रेस पर एससी/एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीनने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ” कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में ओबीसी का 32% आरक्षण मुस्लिमों को दे दिया। कॉन्ग्रेस ओबीसी के आरक्षण को डकैती डालने का काम कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं हो रहा। जब कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी और सपा बसपा ने उन्हें समर्थन दिया था, उन्होंने रंगनाथ मिश्रा कमिटी बनाई थी।”

उन्होंने आगे कहा, “उस कमेटी ने संस्तुति की थी कि ओबीसी और एससी एसटी को मिलने वाले आरक्षण के लाभ में मुस्लिमों को शामिल किया जाना चाहिए। यह कॉन्ग्रेस की मंशा थी। सच्चर कमिटी की रिपोर्ट के जरिए भी यही कोशिश की थी। अब कॉन्ग्रेस कह रही है कि वह जब सत्ता में आएँगे तो संसाधनों पर मुस्लिमों का दोबारा हक़ होगा, यहाँ के हिन्दू कहाँ जाएँगे। यह लोग संविधान को अपमानित करना चाहते हैं और देश की कीमत पर राजनीति करना चाहते हैं।”

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप भी जड़ा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने यादवों से छल किया है, उन्होंने अपने ही परिवार के पाँच यादवों को टिकट दिए हैं। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव समेत डिंपल यादव, तेजप्रताप यादव, धर्मेन्द्र यादव और अक्षय यादव लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। यह सभी कनौज, मैनपुरी, बदायूं, आजमगढ़ और फिरोजाबाद से सपा के प्रत्याशी हैं। भाजपा ने इसी को लेकर उन पर हमला बोला है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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