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मुस्लिमों इतनी हैसियत भी नहीं कि शहरों को बंद कर सको: लोगों को उकसा रहे युवक का देखें Video

"यूपी में शहरी मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी से ऊपर है। क्या आपको शर्म नहीं आती? अरे भाई शर्म करो, आप यूपी में चक्काजाम क्यों नहीं कर सकते? कैसे चल रहा है वह शहर? शहर बंद कीजिए और जो रास्ते में आता है, उसे मना कीजिए, उसे भगाइए।"

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में जगह-जगह पर प्रदर्शन और हिंसा हो रही है। 14 और 15 दिसंबर को भी दिल्ली में जामिया समेत कई जगहों पर आगजनी, भीड़ हिंसा और बर्बरता हुई। प्रदर्शनकारियों ने बसें जला दी। निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। अब सोशल मीडिया पर सामने आ रहे कई वीडियो से साफ हो रहा है कि किस तरह कुछ लोगों ने हिंसा भड़काने की साजिश रची।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स मुस्लिमों को सड़कों पर आने और दिल्ली में चक्का जाम करने के लिए उकसाता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो दिल्ली का ही है। वह आदमी कहता है, “हमारी ख्वाहिश और हमारी आरजू ये है कि दिल्ली में चक्का जाम हो। सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश में, जहाँ मुस्लिम कर सकता है। मुस्लिम हिन्दुस्तान के 500 शहरों में चक्का जाम कर सकता है। अब उसमें रोड ब्लॉक कौन है? वो भाजपा नहीं है, वो कॉन्ग्रेस नहीं है, वो है जमीयत जमीयत उलेमा-ए-हिंद, वो है जमात-ए-इस्लामी।”

आगे वीडियो में शख्स को कहते हुए सुना जा सकता है, “क्या मुस्लिमों की इतनी हैसियत भी नहीं कि उत्तर भारत के शहरों को बंद किया जा सके। यूपी में शहरी मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी से ऊपर है। क्या आपको शर्म नहीं आती? अरे भाई शर्म करो, आप यूपी में चक्काजाम क्यों नहीं कर सकते? कैसे चल रहा है वह शहर? बिहार का वह इलाका जहाँ से मैं आता हूँ, वहाँ ग्रामीण मुस्लिम आबादी 6% है, जबकि शहरी मुस्लिम आबादी 24% है। हिन्दुस्तान का मुस्लिम शहरी है। वो शहर में रहता है। शहर बंद कीजिए और जो रास्ते में आता है, उसे मना कीजिए, उसे भगाइए।”

यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालाँकि ऑपइंडिया स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं कर सका कि इसे कहाँ पर शूट किया गया है, लेकिन वीडियो को देखकर यह साफ जाहिर हो रहा है कि छात्रों और आम जनता को हिंसक विरोध-प्रदर्शन करने और नुकसान पहुँचाने के लिए उकसाया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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