Homeदेश-समाजअगले CBI निदेशक के लिए 5 नामों पर विचार कर रही है सरकार

अगले CBI निदेशक के लिए 5 नामों पर विचार कर रही है सरकार

जानकारी के मुताबिक़ 1983-85 बैचों से संबंधित 80 योग्य अधिकारियों में से 30 आईपीएस अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया गया जिनमें से पाँच के नाम पर विचार किया जा रहा है।

शुक्रवार (फरवरी 1, 2019) को सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पर प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाले चयन समिति ने 1983 और 1984 बैच के पाँच आईपीएस अधिकारियों के नाम पर अपनी सहमति बनाई है। शनिवार (फरवरी 2, 2019) को नए सीबीआई प्रमुख के नाम पर अंतिम निर्णय हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक़ बैठक में 1983-85 बैचों से संबंधित 80 योग्य अधिकारियों में से 30 आईपीएस अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इनमें से जिन पाँच के नाम पर विचार किया जा रहा है उनमें मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला (1983 बैच), सीआरपीएफ प्रमुख आर आर भटनागर (1984 यूपी), एनएसजी प्रमुख सुदीप लखटकिया (1984 यूपी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंसेज के निदेशक जावेद अहमद (1985 यूपी) और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के प्रमुख महेश्वरी (1984 यूपी) शामिल हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने चयन प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराते हुए वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर सरकार द्वारा पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया है।

हालाँकि नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए समिति ने शनिवार को फिर से बैठक करने पर सहमति जताई है। पैनल अंतिम उम्मीदवार को मंज़ूरी देने के बाद जल्द ही शासनादेश जारी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई प्रमुख नियुक्त करने में देरी पर नाराज़गी व्यक्त की है और सरकार से जल्द निर्णय लेने की उम्मीद की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM की सुरक्षा के लिए खाली कराई गई 100 एकड़ जमीन, सिर्फ़ एक मस्जिद पर क्यों मचा है बवाल?

नई दिल्ली में PM आवास के पास रेसकोर्स रोड के आसपास लगभग 100 एकड़ भूमि को खाली करवाया जा रहा है। Evacuation की इस कार्रवाई में हिंदू-मुस्लिम सभी के घर तोड़े जा रहे हैं। जिन लोगों के घर टूट रहे हैं उन्हें सरकार फ़्लैट बनाकर दे रही है।

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।
- विज्ञापन -