Monday, May 16, 2022
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कुतुब मीनार के पास हिन्दू संगठनों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ, नाम बदल कर ‘विष्णु स्तंभ’ करने की माँग: कहा – 27 मंदिर ध्वस्त कर बनाया

इसके अलावा 'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' की तरफ से कुतुब मीनार का नाम विष्णु स्तंभ रखने की अपील की गई है। यूनाइटेड हिंदू फ्रंट कहना है कि कुतुब मीनार वास्तव में विष्णु स्तंभ है और इस मीनार का निर्माण 27 जैन और हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करके किया गया था।

दिल्ली में मंगलवार (10 मई 2022) को ऐतिहासिक इमारत कुतुब मीनार (Qutub Minar) के पास कुछ हिन्दू संगठनों के सदस्यों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान हिन्दू संगठनों ने विरोध जताते हुए कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ करने की माँग की है। समाचार एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो भी शेयर है। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज सुबह से ही कुतुब मीनार के पास हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन जारी है। हिंदू संगठन ‘महाकाल मानव सेवा’ के सदस्यों ने कुतुब मीनार के पास हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने हनुमाना चालीसा कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की माँग है कि भारत एक सनातन भूमि है, इसलिए कुतुब मीनार के साथ ही सभी मुगलकालीन इमारतों और सड़कों का नाम भी बदला जाना चाहिए

इसके अलावा ‘यूनाइटेड हिंदू फ्रंट’ की तरफ से कुतुब मीनार का नाम विष्णु स्तंभ रखने की अपील की गई है। यूनाइटेड हिंदू फ्रंट कहना है कि कुतुब मीनार वास्तव में विष्णु स्तंभ है। इस मीनार का निर्माण 27 जैन और हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करके किया गया था।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल सहित संगठन के अन्य नेता भी सरकार से माँग कर चुके हैं कि वह कुतुब मीनार परिसर में 27 प्राचीन मंदिरों का पुनर्निर्माण करें। इसके साथ ही वहाँ हिंदू अनुष्ठानों को फिर से शुरू करने की इजाजत दें। विहिप नेता ने यह माँग 9 अप्रैल 2022 को कुतुब मीनार परिसर का दौरा करने के बाद की थी।

उन्होंने कहा था, “हमने स्मारक के प्रमुख हिस्सों का दौरा किया, “जहाँ हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों की हालत देखने लायक भी नहीं थी। कुतुब मीनार को 27 मंदिरों को ध्वस्त करने के बाद प्राप्त सामग्री से बनाया गया था।”

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने हिंदुओं की पीड़ा को व्यक्त करते हुए यह भी कहा था, “कुतुब मीनार वास्तव में ‘विष्णु स्तम्भ’ था। कुतुब मीनार का निर्माण 27 हिंदू-जैन मंदिरों को तोड़कर प्राप्त सामग्री से किया गया था। हिंदू समुदाय को तंग करने के लिए सुपरइम्पोज्ड स्ट्रक्चर (Superimposed Structure) बनाया गया था।”

गौरतलब है कि विहिप प्रवक्ता से पहले पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय भी कुतुब मीनार परिसर में एक जगह भगवान गणेश की उल्टी प्रतिमा और एक जगह उनकी प्रतिमा को पिंजरे में बंद कर हिंदू भावनाओं को अपमानित करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक को पत्र लिख कर इन प्रतिमाओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवाने की माँग भी की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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