Homeविविध विषयअन्य15 दिन में 4 गोल्ड मेडल: हिमा दास ने फिर लहराया जीत का परचम,...

15 दिन में 4 गोल्ड मेडल: हिमा दास ने फिर लहराया जीत का परचम, किया देश का नाम रोशन

हिमा दास ने असम में बाढ़ पीड़ितों को अपनी आधी सैलरी डोनेट कर दी और साथ ही अन्य सक्षम लोगों से मदद करने की अपील भी कीं।

भारत की स्टार एथलीट हिमा दास का शानदार प्रदर्शन जारी है। उन्होंने पिछले 15 दिन में अपना चौथा गोल्ड मेडल जीतकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महिलाओं की 200 मीटर रेस में हिमा ने चेक रिपब्लिक में चल रहे टबोर एथलेटिक्स मीट में बुधवार (17 जुलाई 2019) को एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

आपको बता दें कि 19 साल की हिमा दास ने यह दौड़ मात्र 23.25 सेकंड में पूरी कर ली थी। वहीं, नेशनल रिकॉर्ड होल्डर मोहम्मद अनस ने भी 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने 45.40 सेकंड में अपनी रेस पूरी की।

हाल ही में, हिमा दास ने असम में बाढ़ पीड़ितों को अपनी आधी सैलरी डोनेट कर दी थी और साथ ही अन्य सक्षम लोगों से मदद करने की अपील भी की थी। इस जीत के मौक़े पर सोशल मीडिया पर देशवासियों ने उन्हें अपने-अपने शब्दों में बधाईयाँ दीं।

हिमा दास ने इससे पहले तीन गोल्ड मेडल जीते, वो इस प्रकार हैं:

  • पहला गोल्ड मेडल: 2 जुलाई 2019 को हिमा ने पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में 200 मीटर रेस में हिस्सा लिया था। उन्होंने 23.65 सेकंड में उस रेस को पूरा कर पहला गोल्ड मेडल जीता था।
  • दूसरा गोल्ड मेडल: 7 जुलाई 2019 को पोलैंड में कुटनो एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरा कर दूसरा गोल्ड अपने नाम किया था।
  • तीसरा गोल्ड मेडल: 13 जुलाई को चेक रिपब्लिक में हुई क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स में महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.43 सेकंड में पूरा कर तीसरा गोल्ड मेडल अपने जीता।
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -