Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयरूस: आपातकाल लैंडिंग के दौरान विमान में लगी आग, 41 की मृत्यु, 11 घायल

रूस: आपातकाल लैंडिंग के दौरान विमान में लगी आग, 41 की मृत्यु, 11 घायल

क्रिस्चियान कोस्तोव नाम के एक चश्मदीद ने सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लिखते हुए बताया कि प्लेन को आग की लपटों में देख यात्री डर से काँपने लगे थे।

रविवार (मई 6, 2019) को रूस की राजधानी मास्को में एयरपोर्ट पर आपातकाल लैंडिंग के दौरान सुखोई सुपरजेट 100 विमान में आग लगने के कारण 41 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 2 बच्चे भी शामिल हैं। विमान ने मॉस्को एयरपोर्ट से उत्तरी रूस के मरसांस्क शहर के लिए उड़ान भरी थी। हादसे के दौरान इसमें 73 यात्री और 5 क्रू मेंबर सवार थे।

दुर्घटना की जाँच में जुटी टीम की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेन्को द्वारा दी जानकारी के मुताबिक विमान में मौजूद 78 लोगों में 37 लोग जिंदा हैं यानि 41 लोगों की मौत हुई हैं। एक बयान में एयरोफ्लोट कंपनी ने कहा है कि विमान उड़ान भर चुका था लेकिन कुछ देर बार तकनीकी कारणों से उसे एयरपोर्ट पर लौटना पड़ा। रनवे पर लैंड करते वक्त विमान के इंजन में आग लग गई। इस घटना के बाद कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर जीवित व्यक्तियों के नाम प्रकाशित किए हैं। साथ ही आश्वासन दिया है कि घायलों के परिजनों को नि:शुल्क मॉस्को पहुँचाया जाएगा।

खबरों के अनुसार एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही विमान में धुआँ उठने लगा था। जानकारी मिलते ही चालक दल ने एटीसी को सूचना दी और विमान की आपातकालीन लैंडिंग हुई, लेकिन इस बीच आग ने विमान को अपनी लपटों में घेर लिया था। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर हो रहा है जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक था। 41 लोगों की मौत के अलावा इसमें 11 लोगों के घायल होने की भी खबरे हैं।

एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि विमान दो साल पुराना था। रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने पूरे हादसे की जाँच के आदेश दे दिए हैं। इस दुर्घटना के बाद विमानों को मॉस्को के अन्य एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इस घटना पर दुःख प्रकट किया है।

क्रिस्चियान कोस्तोव नाम के एक चश्मदीद ने सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लिखते हुए बताया कि प्लेन को आग की लपटों में देख यात्री डर से काँपने लगे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -