Wednesday, July 17, 2024
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बुल्गारिया के राष्ट्रपति ने कहा ‘थैंक यू’ तो बोले PM मोदी- आतंकवाद से लड़ने को हैं प्रतिबद्ध, भारतीय नौसेना ने समुद्री डाकुओं से छुड़ाए जहाज और बंधक

बुल्गारिया के राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के ऑपरेशन में बचाए गए बुल्गारियन नागरिकों को छुड़वाने के लिए एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, "डाकुओं के कब्जे से बुल्गारिया के जहाज 'रुएन' और 7 नागरिकों सहित सभी नाविकों को बचाने की भारतीय नौसेना की बहादुर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति मैं आभार व्यक्त करता हूँ।"

भारतीय नौसेना ने हाल ही में बुल्गारिया के 7 नागरिकों समेत 17 नागरिकों को सोमालिया के जल दस्युओं के चंगुल के बचाया है। नौसेना ने यह ऑपरेशन भारत से हजारों किलोमीटर दूर समुद्र में किया। नौसेना के 7 नागरिकों को बचाने को लेकर बुल्गारिया के राष्ट्रपति रूमेन रादेव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी धन्यवाद कहा है। पीएम मोदी ने भी उनके सन्देश का जवाब देते हुए कहा है कि बुल्गारिया के सातों नागरिक जल्द ही अपने देश लौटेंगे।

बुल्गारिया के राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के ऑपरेशन में बचाए गए बुल्गारियन नागरिकों को छुड़वाने के लिए एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “डाकुओं के कब्जे से बुल्गारिया के जहाज “रुएन” और 7 नागरिकों सहित सभी नाविकों को बचाने की भारतीय नौसेना की बहादुर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति मैं आभार व्यक्त करता हूँ।”

इस पर पीएम मोदी ने भी उन्हें जवाब दिया है। उन्होंने लिखा, “बुल्गारिया के राष्ट्रपति रादेव जी, आपके संदेश के लिए धन्यवाद। हमें प्रसन्नता है कि बुल्गारिया के 7 नागरिक सुरक्षित हैं और वह जल्द ही अपने घर लौटेंगे। भारत समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में डकैती तथा आतंकवाद से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।”

इससे पहले बुल्गारिया की विदेश मंत्री मारिया जिबराइल ने भी भारतीय नौसेना को धन्यवाद किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं डाकुओं के कब्जे से जहाज रुएन और उसके नाविक दल के सदस्यों, जिनमें 7 बुल्गारिया के नागरिक भी शामिल हैं, को बचाने के सफल ऑपरेशन के लिए भारतीय नौसेना के प्रति अपना आभार व्यक्त करती हूँ। आपके सहयोग और इस कोशिश के लिए धन्यवाद। हम नाविकों के जीवन की रक्षा के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”

इस पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था कि दोस्त इसीलिए होते हैं।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना ने हिन्द महासागर क्षेत्र में बुल्गारिया की कम्पनी द्वारा संचालित एक जहाज एमवी रुएन पर बंधक बनाए गए 17 नाविकों को मुक्त करवाया था। इस जहाज को सोमालिया के डाकुओं के कब्जे से छुड़वा लिया गया था। नौसेना ने इस ऑपरेशन में 35 सोमालियाई डाकुओं को पकड़ा गया था और उन्हें भारत लेकर आने की कार्रवाई चालू कर दी थी। भारतीय नौसेना के कमांडो ‘मार्कोस’ ने इस जहाज पर पहुँच कर इन डाकुओं का आत्मसमर्पण करवा दिया था।

इस जहाज को सोमालिया के डाकुओं ने दिसम्बर 2023 में बंधक बना लिया था। इसके बाद वह इसे सोमालिया ले गए थे। वह वापस इसे समुद्र में भी लाए थे और इस जहाज के जरिए इस इलाके में लूटमार को अंजाम दे रहे थे। भारतीय नौसेना लगातार इस जहाज पर नजर रख रही थी। इस पर मौजूद डाकुओं ने भारतीय नौसेना पर गोलीबारी की थी। उन्होंने नौसेना का एक ड्रोन भी गिराया था। इसके बाद नौसेना के कमांडो को भारतीय वायु सेना के विमान से समुद्र में उतारा गया और उन्होंने इस जहाज को मुक्त करवाया।

भारतीय नौसेना के अंतरराष्ट्रीय समुद्र में इस बहादुरी के काम की काफी प्रशंसा हुई है। इसके साथ ही भारत की नौसेना का इस इलाके में वर्चस्व भी बढ़ा है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय में इस इलाके में जहाज़ों पर हमले बढ़े हैं। भारतीय नौसेना लगातार इस इलाके में जहाज़ों के सुरक्षित निकलने को लेकर गश्त कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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