Sunday, March 8, 2026
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचिली एयरफोर्स का विमान क्रैश: 17 क्रू मेंबर्स और 21 पैसेंजर्स हैं प्लेन में,...

चिली एयरफोर्स का विमान क्रैश: 17 क्रू मेंबर्स और 21 पैसेंजर्स हैं प्लेन में, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

शाम 6:13 मिनट पर रडार से एयरक्राफ्ट से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह ड्रेक पैसेज के ऊपर से गुजर रहा था। यह वह जगह है, जो प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को आपस में जोड़ती है।

चिली एयरफोर्स का एक प्‍लेन जिस पर 38 लोग सवार थे, जिस समय वह अंर्टाकटिका के रास्‍ते में था रडार से गायब हो गया। अब खबर आ रही है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हालाँकि अभी तक इस विमान को कोई मलबा नहीं मिला है। वहाँ की सेना व प्रशासन द्वारा सर्च एंड रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

एक स्‍थानीय अधिकारी की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है। बता दें कि जो एयरक्राफ्ट गायब हुआ है वह सी-130 हरक्यिूलस था और उसने सर्दन चिली के पुंटा एरिनास से स्थानीय समयानुसार शाम 4:55 मिनट पर सोमवार को टेक ऑफ (उड़ान भरा) किया था।

वहाँ की एयरफोर्स ने अपने बयान में कहा है, “एयक्राफ्ट लॉजिस्टिकल सपोर्ट को लेकर जा रहा था, इसके साथ ही यह विमान इलाके में राष्‍ट्रीय सुविधाओं से जुड़े कुछ और कामों को पूरा करने के मकसद से रवाना हुआ था।” अधिकारियों ने कहा कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है क्योंकि दोपहर 12:40 बजे तक विमान का कोई संकेत नहीं मिला, उस समय विमान ईंधन का ईंधन खत्म हो गया होगा। सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

विमान में सवार लोगों की पहचान पर फिलहाल कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन माना जा रहा है कि ज्यादातर या सभी लोग चिली के नागरिक हैं। विमान में सवार 21 यात्रियों में से 15 वायु सेना के सदस्य हैं, 3 सेना के सदस्य हैं, और 3 नागरिक हैं। इसमें INPROSER के 2 कर्मचारी और Magallanes यूनिवर्सिटी का 1 कर्मचारी भी हैं।

जानकारी के अनुसार शाम 6:13 मिनट पर रडार से एयरक्राफ्ट से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह ड्रेक पैसेज के ऊपर से गुजर रहा था। यह वह जगह है, जो प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को आपस में जोड़ती है। चिली एयरफोर्स की तरफ से इस पर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। चिली की एयरफोर्स का कहना है कि विमान में 38 लोग सवार थे, जिसमें से 17 क्रू मेंबर्स और 21 पैसेंजर्स हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोपेनहेगन सम्मेलन 1910 में प्रस्ताव, दुनिया भर में संगठिन आंदोलन: जानें- क्लारा जेटकिन के बारे में, जिनकी वजह से आज मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय...

क्लारा जेटकिन ने शिक्षा, ट्रेड यूनियन और जागरूकता पर बल दिया। उनका आंदोलन मुख्य रूप से मजदूर महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित था।

राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर ममता सरकार घिरी, मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब: जानिए क्या है सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल की अवहेलना न तो लोकतंत्र के लिए अच्छा है और न ही केन्द्र- राज्य संबंध के लिए। CM बनर्जी के व्यवहार ने देश का अपमान किया।
- विज्ञापन -