Tuesday, April 16, 2024
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99 लाशों के साथ बलात्कार, पीड़ितों में 9 साल का बच्चा और 100 साल का बुजुर्ग भी: 2 मरती हुई महिलाओं का भी किया रेप

दोनों महिलाएँ एक-दूसरे को नहीं जानती थीं, लेकिन वो एक ही क्षेत्र में रहती थीं। 23 जून, 1987 को वेंडी नामक महिला की लाश अपने बिस्तर पर खून से लथपथ मिली। मौत के बाद बलात्कार के सबूत मिले थे। 15 दिसंबर, 1987 को कैरोलिन नामक महिला की निर्वस्त्र लाश मिली।

यूनाइटेड किंगडम में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसने अस्पताल के मुर्दाघर में 99 लाशों के साथ बलात्कार किया। इसमें कई बच्चे भी शामिल हैं। अपराधी ने कबूल किया है कि उसने दो महिलाओं की हत्या भी की और जब वो मर रही थीं, उसी दौरान उसने उन दोनों के साथ बलात्कार किया। दोनों महिलाओं की हत्या की घटना 1987 में हुई थी, जिसे ब्रिटेन में ‘बेडशीट मर्डर्स’ के नाम से जाना जाता है। पेशे से इलेक्ट्रीशियन डेविड फुलर ने कई घिनौने अपराध किए हैं।

वो अस्पताल में टेक्नीकल सुपरवाइजर के रूप में काम करता था, इसीलिए मुर्दाघर तक आसानी से पहुँच जाता था और वहाँ रखी लाशों के साथ बलात्कार करता था। उसने 9 साल के बच्चे से लेकर 100 वर्ष के वयोवृद्ध तक, सभी की लाशों के साथ बलात्कार किया। अब उसे जेल की सज़ा सुनाई गई है। सुनवाई के बीच में ही उसने दो महिलाओं की हत्या का जुर्म कबूल किया। उसने अब तक 51 अपराधों को कबूला है, जिनमें 44 तो लाशों से रेप के ही मामले हैं।

उसे आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है और उसकी मौत तक उसे जेल में रखा जाएगा। उसने लाशों के साथ सेक्स करते हुए अश्लील वीडियो भी बनाए। एक आरोप में उस पर 25 महिलाओं की लाशों के साथ रेप की बात है। पुराने मामलों की फिर से शुरू की गई जाँच में 34 साल पहले दो महिलाओं की हत्या का राज़ खुला। लाशों के साथ रेप की बात तब सामने आई, जब पुलिसकर्मियों को बड़ी संख्या में ऐसी तस्वीरें मिलीं जिनमें उसकी हरकतें कैद थीं।

अंग्रेजी में इस आपराधिक प्रवृत्ति को ‘Necrophilia’ कहते हैं। एक ट्रस्ट में काम करते हुए उसने दो अस्पतालों के मुर्दाघरों को अपना अड्डा बनाया था। वो केंट और ससेक्स अस्पतालों के भीतर सभी क्षेत्रों में जा सकता है। ये अस्पताल 2011 में बंद हो गए हैं। 2008 से लेकर 2020 तक उसने इन घटनाओं को अंजाम दिया। लाश के साथ बलात्कार करने के बाद वो फेसबुक के जरिए मृत व्यक्ति के जीवन को खँगालता था और उनके बारे में जानकारियाँ प्राप्त करता था।

सरकारी वकील का कहना है कि ये एक ऐसा मामला है, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। इसे वहाँ के कानूनी इतिहास के सबसे वीभत्स अपराधों में से एक बताया जा रहा है। डबल मर्डर का ये केस यूके के उन गिने-चुने मामलों में था, जो आज तक यहीं सुलझा था। दोनों महिलाएँ एक-दूसरे को नहीं जानती थीं, लेकिन वो एक ही क्षेत्र में रहती थीं। 23 जून, 1987 को वेंडी नामक महिला की लाश अपने बिस्तर पर खून से लथपथ मिली। मौत के बाद बलात्कार के सबूत मिले थे।

उसके सिर पर जख्म के निशान थे और गला घोंट कर उसकी हत्या की गई थी। वहीं उसी साल 24 नवंबर को कैरोलिन नाम की महिला गायब हो गई थी। उससे पहले एक टैक्सी ने उसे उसके घर छोड़ा था। पड़ोसियों ने उसके चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें सुनी थीं। 15 दिसंबर, 1987 को उसकी निर्वस्त्र लाश मिली। उस समय डेविड फुलर अपनी तब की पत्नी के साथ वहाँ से कुछ ही दूरी पर रहता था। एक अन्य महिला की लाश के साथ तो उसे 3 बार बलात्कार किया था।

उसकी पत्नी माला फुलर ने अपने पति के अपराधों के बारे में पता चलने के बाद कहा है अब उससे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। माया ने कहा कि वो इस रिश्ते को अब आगे नहीं बढ़ा सकती। आशंका है कि उसने कई और लाशों को भी निशाना बनाया होगा। मूल रूप से त्रिनिदाद की माला 20 वर्षों से डेविड के साथ रह रही हैं। उन्हें पता भी नहीं था कि डेविड ये सब कर रहा है। माला की बहन फ़िलहाल उनकी मदद कर रही हैं। उन्होंने उस घर को भी छोड़ दिया है, जिसमें वो डेविड के साथ रहती थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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