Monday, September 27, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयISIS की एक और ब्रिटिश दुल्हन: शमीमा बेगम जैसी ही फिरदौस की कहानी, लौटना...

ISIS की एक और ब्रिटिश दुल्हन: शमीमा बेगम जैसी ही फिरदौस की कहानी, लौटना चाहती है घर

"यदि मेरे बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन अगर ब्रिटेन ने ऐसा नहीं करने का फैसला किया, तो मैं क्या कर सकती हूँ?"

शमीमा बेगम के बाद ब्रिटेन की एक और आईएसआईएस (ISIS) दुल्हन का नाम सामने आया है। रविवार (मई 2, 2021) को डेली मेल में प्रकाशित खबर के मुताबिक, 31 वर्षीय फिरदौस जहाँ इन दिनों उसी सीरियाई रिफ्यूजी कैंप में रह रही हैं, जहाँ कभी आईएसआईएस दुल्हन के नाम से कुख्यात शमीमा बेगम रहती थी। अब फिरदौस भी शमीमा की तरह वापस ब्रिटेन लौटने की उम्मीद कर रही है। फिरदौस एक कंप्यूटर इंजीनियर और साइंस टीचर की बेटी है, जो पश्चिमी लंदन में पली-बढ़ी है।

पिछले महीने अल-रोज कैंप में तीन बच्चों की अम्मी जहाँ ने इंटरव्यू में बताया कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने उसकी नागरिकता छीन ली है। उसने बताया कि ब्रिटिश पति ने उसे धोखे से आईएस में शामिल करवाया था, जिसकी उसे जानकारी भी नहीं थी। अब वह उम्मीद कर रही है कि उसे ब्रिटेन वापस लौटने दिया जाएगा। उसने कहा, “यदि मेरे बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन अगर ब्रिटेन ने ऐसा नहीं करने का फैसला किया, तो मैं क्या कर सकती हूँ?”

जानकारी के मुताबिक फिरदौस ने 2015 में सीरिया भागने से पहले टेरेंस ले पेज से शादी की थी। बता दें कि टेरेंस ने शादी से पहले खुद को अबू खालिद बताया था। वह इराक के मोसुल शहर में मारा गया था। फिरदौस के आतंकी दुल्हन बनने को लेकर टेरेंस ले पेज के माता-पिता से भी पूछताछ की गई।

उन्होंने कहा कि फिरदौस ने ही उसे वहाँ जाने के लिए मनाया था और जब वो वहाँ पर गई थी तो उन लोगों को उनका आना पसंद नहीं आया था। 54 वर्षीय डोना ले पेज ने कहा, “वह उकसाने वाली थी, जिसे सुनकर मैं हतप्रभ रह गई। तुम मेरे बेटे को मेरे से दूर कैसे ले जा सकती हो।” इसके बावजूद, टेरेंस की माँ को उम्मीद है कि उनका परिवार ब्रिटेन में वापस आ सकता है। वह भी सिर्फ अपने 6, 5 और 3 साल के पोते के लिए।

दोस्तों और परिवार के लिए बीना के रूप में जानी जाने वाली फिरदौस जहाँ ट्विंचम (Twickenham) में पली-बढ़ी। लेकिन वह मुसलमानों और बाकी ब्रिटेनवासियों के बीच दीवार खड़ी करने वाले कुख्यात अंजुम चौधरी के नेतृत्व वाले प्रतिबंधित समूह अल-मुहाजिरून (ALM) में शामिल हो गई। ALM ने ही उसका धर्म परिवर्तन (हिंदू से मुस्लिम धर्म) कर टेरेंस ले पेज से निकाह करवाया था। बता दें कि टेरेंस एक मुस्लिम धर्म परिवर्तक था, जिसने अपने भाई के साथ मिलकर चरमपंथी समूह के लिए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ जब दूसरी बार आठ महीने की गर्भवती थी, तब वह अपने पति के साथ सीरिया की यात्रा पर गई थी। लेकिन उसने बताया कि ले पेज ने उससे झूठ बोला कि यह तुर्की की एक रोमांटिक यात्रा थी। दरअसल, जब उसने अपने पति से कहा कि उसे अच्छा हनीमून नहीं मिला, इस पर उसने कहा कि वह अपना वादा पूरा करेगा, पर उसे क्या पता था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है। जहाँ ने कहा कि वो उस पूरी यात्रा में सो रही थी, इसलिए इस बारे में कुछ नहीं जान पाई थी। मरने से कुछ समय पहले तक ले पेज जहाँ और अपने दोनों बच्चों के साथ आईएस खिलाफत की राजधानी रक्का में रहता था।

एक साल बाद, जहाँ ने अपने तीसरे बच्चे के पिता, कुर्दिश जिहादी से शादी की, जो दक्षिण-पूर्वी सीरियाई शहर मायादीन में एक हवाई हमले में मारा गया। उसकी मौत के बाद, वह आईएस के गढ़ बघौज में भाग गई, जहाँ उसे कुर्द बलों ने हिरासत में लिया और कैंप में भेज दिया।

गौरतलब है कि ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने आईएसआईएस दुल्हन के नाम से कुख्यात शमीमा बेगम को वापस लौटने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, कोर्ट ने उसके फिर से ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के लिए मुकदमा लड़ने की अनुमति देने से भी मना कर दिया था। बता दें कि बांग्लादेशी मूल की शमीमा बेगम फरवरी 2015 में 15 साल की उम्र में अपने दो दोस्तों के साथ आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया चली गई थी।

साल 2019 में ISIS दुल्हन का नाम चर्चा में आया था, जब उसे सीरियाई कैंप में 9 महीने का गर्भवती पाया गया था। बच्चे की जन्म से साथ ही निमोनिया से मौत हो गई थी। शमीमा ने बताया था कि पहले भी उसके दो बच्चों की मौत हो चुकी थी।

फरवरी 2019 में सीरियाई शरणार्थी शिविर में शमीमा बेगम को पाए जाने के तुरंत बाद उसकी ब्रिटिश नागरिकता राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर रद्द कर दी गई थी। ब्रिटेन को डर था कि अगर यह फिर से वापस आती है तो इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने शमीमा बेगम की याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश से अवैध कब्जे हटाने के लिए नैतिक बल जुटाना सरकारों और उनके नेतृत्व के लिए चुनौती: CM योगी और हिमंता सरमा ने पेश...

तुष्टिकरण का परिणाम यह है कि देश के बहुत बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा हो गया है और उसे हटाना केवल सरकारों के लिए कानून व्यवस्था की चुनौती नहीं बल्कि राष्ट्रीय सभ्यता के लिए भी चुनौती है।

‘टोटी चोर’ के बाद मार्केट में AC ‘चोर’, कन्हैया ‘क्रांति’ कुमार का कॉन्ग्रेसी अवतार

एक 'आंगनबाड़ी सेविका' का बेटा वातानुकूलित सुख ले! इससे अच्छे दिन क्या हो सकते हैं भला। लेकिन सुख लेने के चक्कर में कन्हैया कुमार ने AC ही उखाड़ लिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,789FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe