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11 साल की शिवभक्त भारत में रहना चाहती है, कहती है- मोदी जी हमें आने दो

एलिजा को भारत न आ पाने के कारण लगता है कि सब कुछ बर्बाद हो चुका है। वो रोज़ भगवान शिव और नंदा देवी से मदद के लिए प्रार्थना करती है ताकि उसे भारत में रहने की अनुमति मिल जाए।

11 वर्षीय एलिजा वानात्को नामक पोलिश लड़की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नए विदेश मंत्री एस जयशंकर को अपने हाथ से लिखा एक पत्र भेजा है, जिसमें एलिजा ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से अपनी माँ के साथ भारत में रहने की इजाजत माँगी है। साथ ही इस पत्र में बच्ची ने भगवान शिव के प्रति अपने प्रेम, नंदा देवी की पहाड़ियों और गौ सेवा की खूबसूरत यादों के बारे में भी चर्चा की है।

बच्ची ने लिखा है कि वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में लंबे वक्त तक रहने के कारण उसे और उसकी माँ को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। एलिजा ने पत्र में बताया है कि वो 6 साल की उम्र में भारत आई थी और तब से वह गोवा में ही रह रही थी। भारतीय न होने के बावजूद भी वो भारत को ही अपना घर मानती है। वो यहाँ वापस आना चाहती है। लेकिन, पिछले एक महीने से उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

पत्र में बच्ची ने लिखा है कि वो और उसकी माँ मार्था (जो एक फोटोग्रॉफर और कलाकर दोनों हैं) अपने वीजा को नवीनीकृत करवाने के लिए श्री लंका गए थे, लेकिन इसके बाद उन्हें भारत नहीं आने दिया गया। उनकी माँ
भारत में बी 2 बी वीजा पर लंबे समय से भारत में रह रहीं थी।

अब जब उन्हें ब्लैकलिस्ट होने के कारण भारत आने की अनुमति नहीं है तो ऐसे में मार्था को एलिजा के साथ थायलैंड में रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। एलिजा और उनकी माँ इस समय कंबोडिया में हैं। उन्हें उम्मीद है कि उन्हें भारत आने की इजाजत जरूर दी जाएगी। एलिजा का कहना है कि वो अब हिंदू धर्म और उसकी मान्यताओं से पूरी तरह जुड़ चुकी है। इसलिए उसे इन सब चीज़ों की बहुत याद आती है।

अपने पत्र में बच्ची ने इस बात का जिक्र भी किया है कि वो भले ही अभी अपनी माँ के साथ है लेकिन फिर भी वो अपने पसंदीदा देश में बिताई अपनी पुरानी जिंदगी को बहुत याद करती है। वो कहती है कि वो जिन पशुओं की सेवा करती थी, वो उनके बगैर बहुत परेशान होंगे और वो खुद भी उनके बिना हर रात गुस्से और निराशा के साथ गुजार रही है।

एलिजा को भारत न आ पाने के कारण लगता है कि सब कुछ बर्बाद हो चुका है। वो रोज़ भगवान शिव और नंदा देवी से मदद के लिए प्रार्थना करती है। वो लिखती है कि उसने नरेंद्र मोदी और जयशंकर को पत्र इसलिए लिखा है क्योंकि ये लोग भारत के सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक हैं, जो उसकी और उसकी माँ की मदद कर सकते हैं। बच्ची विनती करती है कि उसे भारत में आने की अनुमति दी जाए और साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट की सूची से हटाया जाए।

इसके अलावा बता दें ट्विटर के जरिए मार्था भी लगातार नरेंद्र मोदी और एस जयशंकर से मदद की गुहार लगा रही हैं। उन्होंने अप्रैल महीने में इसी तरह सुषमा स्वराज से भारत लौटने के लिए निवेदन किया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि ‘गलतफहमी के कारण’ उनके साथ ऐसा हो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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