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अरबी दंगाइयों ने जिस यहूदी को पीट-पीट कर मार डाला, उसी की किडनी से एक अरबी महिला को मिली नई जिंदगी

दो बच्चों के पिता 56 वर्षीय यीगल येहोशुआ को अरबी दंगाइयों ने लाठी-डंडों से बुरी तरह मारा था... वो तो नहीं बच सके लेकिन जाते-जाते उनकी किडनी से एक अरबी महिला को नई जिंदगी मिल गई।

एक यहूदी व्यक्ति ने मरने के बाद भी तीन जिंदगियों को नई उम्मीद दी। इनमें से एक अरब महिला भी शामिल है। इस यहूदी व्यक्ति को अरब दंगाइयों ने पीट कर मार डाला था।

इजरायल के शहर लॉड में 56 वर्षीय यीगल येहोशुआ को अरब दंगाइयों ने लाठी और डंडों से पीट दिया था। इस घटना में उनके सिर पर गहरे घाव हुए, जिसके कारण सोमवार को येहोशुआ की मौत हो गई। यीगल येहोशुआ एक रजिस्टर्ड डोनर थे।

58 वर्षीय रान्डा वेइस जो कि एक अरब हैं, येरुशलम के हदाशाह मेडिकल सेंटर में भर्ती की गई थीं। उन्हें एक नई किडनी की आवश्यकता थी। वेइस ने चैनल 12 न्यूज को बताया कि सालों तक इंतजार करने के बाद जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उनके इलाज के लिए किडनी मिल गई है तो पहले उन्हें लगा कि यह एक प्रैन्क जैसा है लेकिन यह सही था। उन्होंने बताया कि अब एक यहूदी किडनी मेरे जीवन का एक हिस्सा बन गई है।

वेइस की बेटी निवीन ने टाइम्स ऑफ इजरायल को बताया कि उनकी माँ अब स्वस्थ हैं और ठीक हो रही हैं। निवीन ने कहा कि वह येहोशुआ परिवार की शुक्रगुजार हैं और अपनी माँ के सफल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए खुश हैं। लेकिन निवीन कहती हैं कि जिस वजह से यह खुशी मिल रही है, उसके लिए उन्हें पीड़ा हो रही है। उनका परिवार जल्दी ही येहोशुआ परिवार से मिलना चाहता है।

वहीं दूसरी ओर रान्डा वेइस ने कहा कि अरबी या इजरायली जैसा कुछ नहीं है और सभी इंसान ही हैं। उन्होंने कहा कि वह अब शांति चाहती हैं। यीगल येहोशुआ की दूसरी किडनी एक 67 वर्षीय यहूदी व्यक्ति को दी गई। जबकि उनके लीवर से 22 वर्षीय एक यहूदी को जीवनदान मिला।

यीगल येहोशुआ पिछले हफ्ते बीते मंगलवार को अपने घर लौट रहे थे, तब वो अरब दंगाइयों के बीच फँस गए। दंगाइयों ने उनकी कार तोड़ डाली और उनके साथ लाठी-डंडों से बुरी तरह से मारपीट की। दंगाइयों ने उनके सिर पर ईंट मारी थी, जिससे वो बुरी तरह घायल हो गए थे और सोमवार को उनकी मौत हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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