Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय26/11 के मास्टरमाइंड लखवी को हर महीने मिलेंगे 1.5 लाख रुपए, पाकिस्तान की अपील...

26/11 के मास्टरमाइंड लखवी को हर महीने मिलेंगे 1.5 लाख रुपए, पाकिस्तान की अपील UNSC को भी कबूल

पाकिस्तान सरकार लखवी को भोजन के लिए 50 हजार, दवाओं के लिए 45 हजार, अन्य सुविधाओं के लिए 20 हजार, वकील की फीस के लिए 20 हजार और ट्रैवल अलाउंस के तौर पर 15 हजार रुपए हर महीने देगी। पाकिस्तान ने हमेशा से भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने वाले आतंकियों को खुले तौर पर समर्थन किया है, जिसका यह ताजा नमूना है।

26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तयैबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान की इमरान खान सरकार हर महीने 1.5 लाख रुपए खर्चे के तौर पर देगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध कमेटी ने भी इसकी इजाजत दे दी है। बता दें इमरान सरकार ने खुद लखवी को यह मदद पहुँचाने के लिए UNSC से अपील की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार लखवी को भोजन के लिए 50 हजार, दवाओं के लिए 45 हजार, अन्य सुविधाओं के लिए 20 हजार, वकील की फीस के लिए 20 हजार और ट्रैवल अलाउंस के तौर पर 15 हजार रुपए हर महीने देगी। पाकिस्तान ने हमेशा से भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने वाले आतंकियों को खुले तौर पर समर्थन किया है, जिसका यह ताजा नमूना है।

आतंकवादी घोषित होने के बाद लखवी की संपत्ति और बैंक खाते सीज कर दिए गए थे। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने UNSC से लखवी को मानवीय आधार पर खर्च देने की अपील की थी। लखवी के अलावा पूर्व न्यूक्लियर इंजीनियर महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन को भी यह रकम दी जाएगी। लखवी और महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की सूची में शामिल हैं।

लखवी 2015 से ही ज़मानत पर है। वहीं आतंकी बशीरुद्दीन अभी पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से रहता है। मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई थी कि जेल में बंद रहने के बावजूद आतंकी सरगना को हर प्रकार की छूट दी गई थी। यहीं नहीं वह आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जेल के अंदर बैठकें भी किया करता था।

गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को लेकर भी ऐसी ही अपील की थी। UNSC ने तब भी इमरान सरकार की यह अपील मँजूर कर ली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो’: माँग जब जिद में बदल जाए, प्रदर्शन जब राजनीति की टूल बन जाए तो भीड़तंत्र को लोकतंत्र पर हावी...

कॉकरोचों को पता ही नहीं चला कि कब उनके नीचे की जमीन पर बैटिंग कोई और कर रहा है, और वो भी उस खेल में शामिल हो गए।

जौहर यूनिवर्सिटी के फायदे के लिए बना ₹150 करोड़ का फ्लाईओवर, आजम खान ने कौड़ियों के भाव जमीनें हड़पीं: रामपुर के ग्रामीणों ने ऑपइंडिया...

लोगों का आरोप है कि आजम खान अपने घर से सीधे और बिना किसी जाम के यूनिवर्सिटी पहुँचने के लिए इस ₹150 करोड़ के प्रोजेक्ट को पास करवाया था।
- विज्ञापन -