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ICJ की फटकार के बाद आर्मी एक्ट बदलेगा पाक, सिविल कोर्ट में अपील दायर कर पाएँगे कुलभूषण जाधव

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसने बलूचिस्तान से मार्च 2017 में जाधव को गिरफ्तार किया था। पूर्व नौसैनिक जाधव पर लगाए गए सारे आरोप भारत ने खारिज कर दिए थे।

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अपनी सजा के खिलाफ सिविल कोर्ट में अर्जी दाखिल करने का मौका मिल सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दरअसल कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान अपने नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस (ICJ) के निर्देशों का पालन करने के लिए पाकिस्तान आर्मी एक्ट में बदलाव करेगा। फिलहाल यह मामला सैन्य अदालत में है। आर्मी एक्ट सिविल कोर्ट में अपील दाखिल करने का अधिकार नहीं देता।

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसने बलूचिस्तान से मार्च 2017 में जाधव को गिरफ्तार किया था। पूर्व नौसैनिक जाधव पर लगाए गए सारे आरोप भारत ने खारिज कर दिए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कारोबार के सिलसिले में ईरान गए जाधव को पाकिस्तान ने अगवा कर लिया था।

उनकी मौत की सजा रुकवाने के लिए भारत आईसीजे गया था। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत को बताया कि पाकिस्तान जाधव को कानूनी सहायता नहीं देकर विएना संधि का उल्लंघन कर रहा है। भारत की दलीलों को स्वीकार करते हुए आईसीजे ने मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। साथ ही पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए जाधव तक राजनयिक पहुॅंच देने को कहा था। इसके बाद 2 सितम्बर को भारतीय राजदूत ने जाधव से मुलाक़ात की थी। हाल ही में भारतीय उच्चायोग के इंचार्ज गौरव अहलूवालिया भी कुलभूषण से मिले थे।

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था , “यह स्पष्ट है कि कुलभूषण जाधव अत्यधिक दबाव में हैं। पाकिस्तान भारत पर अपने निराधार झूठे आरोपों को थोपने के लिए उन्हें मोहरा बना रहा था। इस मामले में हमें एक व्यापक रिपोर्ट का इंतजार है।” वहीं, पाकिस्तानी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा था कि इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी स्टैण्डर्ड प्रोसीजर्स का ख्याल रखा गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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