Monday, April 19, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जो आतंकी गाजियाबाद की जेल में था, उसे Pak की कोर्ट ने फाँसी से...

जो आतंकी गाजियाबाद की जेल में था, उसे Pak की कोर्ट ने फाँसी से बचा लिया: कश्मीर-कंधार-पत्रकार का है मामला

1994 में कश्‍मीर में 4 विदेशी पर्यटकों का अपहरण किया। गाजियाबाद समेत भारत की कई जेलों में सजा काटा। 1999 में एयर इंडिया के विमान का अपहरण किया गया। बदले में आतंकी उमर सईद को छोड़ा गया और उसने अमेरिका के खोजी पत्रकार डेनियल पर्ल को मार डाला।

अमेरिका को कोरोना के साथ जंग लड़ता देख पाकिस्तान अपने आतंकी मंसूबों को जमीन पर उतारने के लिए सक्रिय हो गया है। खबर आई है कि वहाँ खूँखार आतंकी अहमद उमर शेख सईद को रिहा करने के लिए रास्ता ढूँढ लिया गया है। अब जल्द ही उसे फाँसी की कैद से बचाकर सलाखों से आजाद कराया जा सकता है। बता दें कि उमर शेख ने 18 वर्ष पहले अमेरिका के खोजी पत्रकार डेनियल पर्ल को मारा था। ये उन्हीं आतंकियों में से एक है, जिन्हें 1999 में कंधार (अफगानिस्तान) में एयर इंडिया के विमान को छोड़ने के बदले रिहा किया गया था।

पाकिस्‍तानी अखबार दी एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रिटेन में जन्मे अहमद उमर शेख को आतंकवाद निरोधी अदालत ने जो फाँसी की सजा सुनाई थी, उसे सिंध उच्च न्यायालय ने पलट दिया। अदालत ने उम्रकैद की सजा काट रहे सईद के तीन अन्य साथियों फहद नसीम, सलमान साकिब और शेख आदिल को बरी कर दिया। वहीं, अदालत ने कहा कि सईद को मौत की सजा की जगह 7 साल की सजा दी जाए। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका समेत पूरी दुनिया कोरोना संकट में फँसी हुई है। इसलिए माना जा रहा है कि आईएसआई ने कोर्ट के फैसले के बहाने एक बड़ी साजिश रची है।

इधर, इस खबर की सूचना मिलने के बाद अमेरिका शांत नहीं है। उसने पाकिस्तान को चेताया है। अमेरिकी विदेश मामलों की हाउस कमिटी के चेयरमैन ने चेतावनी भरे लहजे में पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि पाकिस्तान की अदालत ने आतंकी उमर की सजा को जिस तरह से बदला है, वह चिंता की बात है। यह काफी जरूरी है कि पाकिस्तान अपनी बेहद पुरानी आतंकवाद की समस्या के खिलाफ वास्तविक प्रतिबद्धता दर्शाए।

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आईएसआई और पाकिस्‍तानी सेना का मानना है कि उमर सईद के बाहर आने से कश्‍मीर में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना और आसान हो जाएगा। हालाँकि खबर ये भी कि अदालत के इस फैसले से इमरान सरकार खुद असमंजस में है। इसलिए उनकी सरकार अभी तक यह फैसला नहीं कर सकी है कि इस फैसले के खिलाफ अपील की जाए या नहीं।

गौरतलब है कि उमर सईद ने ही 1994 में कश्‍मीर में 4 विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर लिया था। बाद में सुरक्षा बलों ने एक कार्रवाई में उमर सईद को गिरफ्तार किया था। उमर गाजियाबाद समेत देश की कई जेलों में रहा है। फिर साल 1999 में उसे एयर इंडिया के विमान के अपहरण के बाद छोड़ा गया। अब कहा जा रहा है कि ISI 46 साल के सईद का इस्‍तेमाल एकबार फिर से भारत में आतंकी वारदातों को बढ़ाने में कर सकती है। बता दें पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने उसे अपनी आत्मकथा में डबल एजेंट बताया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

जमातों के निजी हितों से पैदा हुई कोरोना की दूसरी लहर, हम फिर उसी जगह हैं जहाँ से एक साल पहले चले थे

ये स्वीकारना होगा कि इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब बिहार में चुनाव हो रहे थे। लेकिन तब 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' वालों ने जैसे नियमों से आँखें मूँद ली थी।

मनमोहन सिंह का PM मोदी को पत्रः पुराने मुखौटे में कॉन्ग्रेस की कोरोना पॉलिटिक्स को छिपाने की सोनिया-राहुल की नई कवायद

ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,232FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe