Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयPak ने संघर्ष की ओर बढ़ाए कदम, कर रहा मिसाइल टेस्ट की तैयारी

Pak ने संघर्ष की ओर बढ़ाए कदम, कर रहा मिसाइल टेस्ट की तैयारी

यह संभावित परीक्षण सिंध प्रान्त के कराची में सम्भव हो सकता है। कराची के पास पाकिस्तानी सेना की सोनमियानी फ्लाइट टेस्ट रेंज स्थित है। तीन दिन के लिए कराची की एयरस्पेस को भी बंद कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के नाम पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने से पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा। एक तरफ उसके प्रधानमंत्री इमरान खान संसद से परमाणु युद्ध की धमकी दे रहे हैं और यह ज्ञान भी बाँच रहे हैं कि इस युद्ध में कोई विजेता नहीं होगा, दूसरी ओर पाकिस्तान ने नए मिसाइल परीक्षणों की तैयारी शुरू कर दी है। ANI के मुताबिक पाकिस्तान ने इसके लिए ज़रूरी NOTAM (notice to airmen) प्रोटोकॉल और नौसैनिक चेतावनी जारी कर दी है।

कराची में हो सकता है परीक्षण

यह संभावित परीक्षण सिंध प्रान्त के कराची में सम्भव हो सकता है। कराची के पास पाकिस्तानी सेना की सोनमियानी फ्लाइट टेस्ट रेंज स्थित है। तीन दिन के लिए कराची की एयरस्पेस को भी बंद कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया के हवाले से न्यूज़ 18 ने दावा किया है कि पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने बुधवार (28/08/2019) को एक NOTAM जारी किया है जिसमें कराची हवाई क्षेत्र के तीनों मार्ग 28 अगस्त से 31 अगस्त तक बंद रहने की सूचना है

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -